14वीं JPSC फर्जीवाड़ा मामले में कोचिंग संचालक रविशंकर प्रसाद ने किया सरेंडर, न्यायिक हिरासत में भेजे गए जेल
14वीं JPSC फर्जीवाड़ा मामले में आरोपी कोचिंग संचालक रविशंकर प्रसाद ने न्याययुक्त योगेश कुमार की कोर्ट में सरेंडर किया. अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मामले में अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

रांची: झारखंड में 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में कार्रवाई का सिलसिला जारी है. मामले में आरोपी बताए जा रहे कोचिंग संचालक रविशंकर प्रसाद ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. उन्होंने न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. अदालत के आदेश के बाद रविशंकर प्रसाद को जेल भेज दिया गया.
14वीं JPSC फर्जीवाड़ा मामले में जांच एजेंसियों और पुलिस की कार्रवाई पिछले कुछ समय से लगातार जारी है. इस प्रकरण में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ-साथ अन्य संदिग्धों की भूमिका भी जांच के दायरे में रही है. 21 जुलाई से शुरू हुई कार्रवाई के बाद मामले में कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. इसी क्रम में अब कोचिंग संचालक रविशंकर प्रसाद का कोर्ट में सरेंडर करना जांच की दिशा से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
21 जुलाई से जारी है कार्रवाई
14वीं JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े को लेकर 21 जुलाई से कार्रवाई शुरू हुई थी. इसके बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया. जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. मामले में अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है.
कोर्ट में पेश होकर किया आत्मसमर्पण
मामले के आरोपी कोचिंग संचालक रविशंकर प्रसाद ने गिरफ्तारी से पहले अदालत का रुख किया. उन्होंने न्याययुक्त योगेश कुमार की कोर्ट में सरेंडर किया. सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया.
तत्कालीन JPSC अध्यक्ष भी गिरफ्तार
इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्रवाई की जद में झारखंड लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांगते भी आए हैं. उनके अलावा कई अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. यानी जांच अब सिर्फ अभ्यर्थियों या निचले स्तर से जुड़े लोगों तक सीमित नहीं रही है.
दो दर्जन से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई
14वीं JPSC फर्जीवाड़ा मामले में अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जांच आगे बढ़ने के साथ यह संख्या और बढ़ सकती है. जांच एजेंसियां पूरे मामले में अलग-अलग लोगों की भूमिका और कथित अनियमितताओं के बीच संबंधों को खंगाल रही हैं.
आगे और खुलासे की उम्मीद
रविशंकर प्रसाद के सरेंडर के बाद अब जांच में उनसे पूछताछ और उनकी कथित भूमिका को लेकर नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है. फिलहाल कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. 14वीं JPSC से जुड़े इस मामले में आने वाले दिनों में जांच और कानूनी कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.

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