रामनवमी पर CM हेमंत सोरेन पहुंचे तपोवन मंदिर, भक्तों का उमड़ा जनसैलाब
“रामनवमी और महावीर जयंती के पावन अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार को रांची के प्रसिद्ध श्रीराम-जानकी तपोवन मंदिर पहुंचे. अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ मंदिर पहुंचे सीएम ने भगवान राम-जानकी की पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-समृद्धि, शांति एवं एकता की कामना की.”

Ranchi: रामनवमी और महावीर जयंती के पावन अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार को रांची के प्रसिद्ध श्रीराम-जानकी तपोवन मंदिर पहुंचे. अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ मंदिर पहुंचे सीएम ने भगवान राम-जानकी की पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-समृद्धि, शांति एवं एकता की कामना की. मंदिर परिसर में उमड़े भक्तों के जनसैलाब के बीच उन्होंने रामनवमी को आस्था, उत्साह और भाईचारे का पर्व बताते हुए सभी से शांति व अनुशासन बनाए रखने की अपील की.
भक्तिमय माहौल में हुआ सीएम का स्वागत
मंदिर पहुंचते ही महावीर मंडल के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पारंपरिक स्वागत किया. भक्तों ने उन्हें भगवा रंग का पटा पहनाया और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से पूरा मंदिर प्रांगण गूंज उठा. सीएम ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीराम के आदर्शों, वीर हनुमान की त्याग और तपस्या को याद किया. उन्होंने कहा कि भगवान राम के जीवन से हमें सत्य, न्याय और कर्तव्य का संदेश मिलता है, जो आज भी समाज को प्रेरित करता है.
मंदिर सौंदर्यीकरण कार्य जल्द पूरा हो: CM
हेमंत सोरेन ने मंदिर के चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य का जिक्र करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक धरोहर है. उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से प्रार्थना की कि मंदिर का सौंदर्यीकरण कार्य शीघ्र पूरा हो, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस पवित्र स्थल को भव्य रूप में देख सकें. उन्होंने कहा कि रामनवमी केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि उत्साह, ऊर्जा और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है. बड़े जुलूस और शोभायात्राओं के माध्यम से पूरे राज्य में भाईचारा और सद्भाव का संदेश फैल रहा है. उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारे, सद्भाव और शांति बनाए रखने की अपील की.
पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था
सीएम के आगमन से पहले ही सैकड़ों महिला-पुरुष पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए थे. प्रशासन ने भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया था. मुख्यमंत्री ने अंत में सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पर्व को शांति, सौहार्द और पूर्ण अनुशासन के साथ मनाएं, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो.

