100 साल से रहने का दावा, फिर भी उजड़े आशियाने; करमटोली तालाब पर चला प्रशासन का बुलडोजर
“रांची के करमटोली तालाब स्थित धोबीघाट इलाके में नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की. पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर करीब 11 मकानों को ध्वस्त किया गया. अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई की जद में आए लोग प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक थे.”

रिपोर्ट : संजय मुंडा
Ranchi: रांची नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रखते हुए शुक्रवार को करमटोली तालाब स्थित धोबीघाट क्षेत्र में बुलडोजर कार्रवाई की. नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध रूप से बने कई मकानों को ध्वस्त कर दिया. अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, वे प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक हैं और उन्हें पहले ही सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है. इसके बावजूद वे वर्षों से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रह रहे थे. कार्रवाई के दौरान कई परिवारों के भावुक दृश्य भी सामने आए.
करमटोली तालाब के सामने चला अतिक्रमण हटाओ अभियान
शुक्रवार सुबह रांची नगर निगम की टीम करमटोली तालाब स्थित धोबीघाट क्षेत्र पहुंची, जहां भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई. बुलडोजर की मदद से क्षेत्र में बने करीब 11 मकानों को ध्वस्त कर दिया गया. कार्रवाई से पहले प्रशासन ने लोगों को अपने घरों से सामान निकालने का समय दिया, जिसके बाद अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई. नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया. इसके बाद प्रशासन ने नियमानुसार बुलडोजर कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया. पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा.
PM आवास मिलने के बावजूद सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि जिन परिवारों के खिलाफ कार्रवाई की गई, वे प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के लाभार्थी हैं और उन्हें पहले ही सरकार की ओर से आवास उपलब्ध कराया जा चुका है. इसके बावजूद उन्होंने करमटोली तालाब के पास सरकारी जमीन पर एस्बेस्टस की छत वाले मकान बनाकर लंबे समय से कब्जा कर रखा था. अधिकारियों के अनुसार, अतिक्रमणकारियों को कई बार नोटिस देकर स्वयं जमीन खाली करने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्देशों का पालन नहीं किया गया. इसी कारण प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी. नगर निगम का कहना है कि शहर में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जे के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
उजड़ते आशियाने देख भावुक हुए लोग
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान कई परिवार अपने टूटते घरों को देखकर भावुक हो गए. महिलाओं और बुजुर्गों की आंखों में आंसू नजर आए, जबकि कई लोग प्रशासन से कार्रवाई रोकने की गुहार लगाते रहे. स्थानीय निवासियों का दावा है कि वे पिछले 100 वर्षों से अधिक समय से इस इलाके में रह रहे हैं और उन्हें कार्रवाई की पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई. उनका कहना है कि बारिश के मौसम में बेघर होने के बाद अब बच्चों और परिवार के साथ रहने की बड़ी चुनौती सामने खड़ी हो गई है. दूसरी ओर, नगर निगम का कहना है कि कुछ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए आवासीय क्वार्टर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है. हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है.



