Central University of Jharkhand में CBI जांच में टेंडर और नियुक्ति गड़बड़ी उजागर, पुराने मामलों की भी खुली फाइलें
रांची के सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड में CBI जांच के दौरान टेंडर, निर्माण कार्य और नियुक्तियों में गड़बड़ी के संकेत मिले हैं. शुरुआती जांच में नियमों के उल्लंघन के प्रमाण सामने आने के बाद अब पुराने वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की फाइलों की गहन जांच की जा रही है.

Ranchi: रांची के कांके स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के दौरान टेंडर प्रक्रिया, नियुक्तियों और अन्य प्रशासनिक कामकाज में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं. सीबीआई (रांची) की टीम ने यूनिवर्सिटी के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) के साथ मिलकर शिकायतों की जांच की, जिसमें सामग्रियों की खरीद, निर्माण कार्यों के टेंडर और नियुक्तियों में नियमों के उल्लंघन के प्राथमिक प्रमाण मिले हैं. शुरुआती जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद अब संबंधित फाइलों और दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है. बताया जा रहा है कि ये गड़बड़ियां लंबे समय से लंबित शिकायतों से जुड़ी हैं और अब जांच एजेंसी पूरे मामले की तह तक जाने की तैयारी में है. इस खुलासे के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों पर जवाबदेही का दबाव बढ़ गया है.
फाइलों और फंड आवंटन की जांच
मंगलवार को सीबीआई की टीम आधा दर्जन से अधिक वाहनों के साथ यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंची और विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण फाइलों को खंगालना शुरू किया. विशेष रूप से भवन निर्माण, फंड आवंटन और शुरुआती वर्षों (2009–2014) के दौरान हुई नियुक्तियों से जुड़ी फाइलों पर फोकस किया गया. जांच के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मियों के मोबाइल जमा कराए गए और सभी को निर्धारित स्थान पर बैठने के निर्देश दिए गए, ताकि दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच हो सके. सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई पुराने वित्तीय अनियमितता और प्रशासनिक गड़बड़ी से जुड़ी शिकायतों के आधार पर की जा रही है, जो लंबे समय से लंबित थीं.
टेंडर, खरीद और नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन
सीबीआई और सीवीओ की संयुक्त जांच में यह पाया गया कि यूनिवर्सिटी में सामग्रियों की खरीद, निर्माण कार्यों के टेंडर और कर्मचारियों की नियुक्ति में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया. प्रारंभिक स्तर पर गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद अब एजेंसी संबंधित दस्तावेजों, लॉग और अनुमोदन प्रक्रियाओं की बारीकी से जांच कर रही है. सूत्र बताते हैं कि कई मामलों में वित्तीय पारदर्शिता और अनुमोदन प्रणाली पर भी सवाल उठे हैं, जिनकी पुष्टि के लिए विस्तृत ऑडिट और तकनीकी जांच की जाएगी.
पहले भी लगते रहे हैं आरोप
सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड अपनी स्थापना के समय से ही विवादों में रही है. पूर्व में भी कुलपतियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर नियमों को दरकिनार कर काम करने और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे. यह पहली बार नहीं है जब सीबीआई की टीम यहां जांच के लिए पहुंची है. अब एक बार फिर पुराने मामलों की फाइलें खुलने से यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जांच एजेंसी की रिपोर्ट के बाद आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

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