बिहार में पटना और अन्य जिलों के कोर्ट परिसरों को बम धमकी मिलने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है. पटना सिविल कोर्ट, पटना सिटी कोर्ट, किशनगंज सिविल कोर्ट, गया सिविल कोर्ट और अररिया व्यवहार न्यायालय को ई-मेल के माध्यम से खतरे की जानकारी मिली. धमकी मिलते ही कोर्ट परिसरों को तुरंत खाली करा दिया गया और सभी कर्मचारियों, जजों, वकीलों और आम जनता को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया.
धमकी का ई-मेल और संदिग्ध जानकारी
ई-मेल में भेजने वाले ने अपने आप को किसी संगठन का सदस्य बताया और दावा किया कि कोर्ट परिसरों में बम लगाए गए हैं. मेल में बताया गया कि बम दोपहर 2:30 बजे रिमोट से उड़ाए जा सकते हैं. मेल में यह भी लिखा गया कि धमाके पिछले वर्षों में श्रीलंका में हुए ईस्टर हमलों जैसी स्थिति पैदा करेंगे. इस सूचना से संबंधित इलाकों में हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं.
पटना सिविल और सिटी कोर्ट में सुरक्षा बढ़ी
पटना सिविल कोर्ट में पीरबहोर थाना पुलिस के साथ बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड को तैनात किया गया. कोर्ट परिसर को अस्थायी रूप से बंद किया गया और हर कोने की तलाशी ली गई. इसके बाद पटना सिटी कोर्ट में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई. पुलिस ने पूरे परिसर को घेरकर जांच शुरू कर दी और किसी संभावित खतरे को रोकने के लिए डॉग स्क्वाड और सुरक्षा बल मौजूद रहे.
किशनगंज, गया और अररिया में सतर्कता
किशनगंज सिविल कोर्ट, गया सिविल कोर्ट और अररिया व्यवहार न्यायालय को भी धमकी ई-मेल के माध्यम से मिली. प्रशासन ने सभी कोर्ट परिसरों को खाली कराया और सुरक्षा कड़ी कर दी. आगंतुकों, कर्मचारियों और वकीलों की सघन जांच की जा रही है. फिलहाल किसी भी स्थान से बम मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस इसे हल्के में नहीं ले रही है.
प्रशासन और साइबर सेल की कार्रवाई
साइबर सेल धमकी ई-मेल की जांच कर रही है और मेल भेजने वाले की लोकेशन व पहचान का पता लगाने में जुटी है. कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं. जनता से अपील की गई है कि वे कोर्ट परिसरों में न आएं जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती. प्रशासन ने कहा है कि किसी भी तरह की अनिश्चित स्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा.
श्रीलंका ईस्टर हमलों की चेतावनी
धमकी ई-मेल में संदर्भ के तौर पर श्रीलंका के ईस्टर हमलों का उल्लेख किया गया. 2019 में श्रीलंका में चर्चों और होटलों में हुए ब्लास्ट ने व्यापक आतंक फैलाया था. मेल में चेतावनी दी गई कि अगर सुरक्षा सतर्कता नहीं बरती गई तो ऐसी घटनाओं जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है. बिहार में प्रशासन ने इसे गंभीर खतरे के रूप में लिया और हर कोर्ट परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी.
सतर्कता और जनता की सुरक्षा
सभी कोर्ट परिसरों में सुरक्षा बढ़ाई गई है और किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है. प्रशासन और पुलिस लगातार इलाके की निगरानी कर रही हैं. आगंतुकों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है. कोर्ट परिसर के बाहर बम निरोधक दस्ते लगातार तैनात हैं. बिहार में किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

