रांची से पटना जा रहे जन सुराज के मैनेजर देवपालिक गुप्ता का शव बरामद, अनगड़ा में मिला
जन सुराज के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता का शव रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र के बरवादाग के पास झाड़ियों में मिला. वह रांची से पटना जाने के दौरान लापता हो गए थे. पुलिस मौत की परिस्थितियों की जांच में जुटी है.

रांची:- जन सुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता का शव झारखंड की राजधानी रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र में बरामद किया गया है. मंगलवार को बरवादाग के पास झाड़ियों में उनका शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में हलचल मच गई. देवपालिक रांची से पटना जाने के दौरान रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे. शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल उनकी मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर छानबीन कर रही है. देवपालिक उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले थे और उनकी उम्र 31 वर्ष बताई गई है. वह रांची से पटना जाने के लिए जनशताब्दी एक्सप्रेस में सवार हुए थे. उनके लापता होने के बाद परिजनों और दोस्तों ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से जानकारी साझा करने और उनकी तलाश में मदद करने की अपील की थी. अब शव मिलने के बाद घटना से जुड़े सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं.
अनगड़ा के बरवादाग में मिला शव
मंगलवार को रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र स्थित बरवादाग के पास झाड़ियों में देवपालिक गुप्ता का शव मिला. इसकी जानकारी सामने आते ही घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई.
रांची से पटना जाने के दौरान हुए थे लापता
देवपालिक गुप्ता रांची से पटना जा रहे थे. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने रांची रेलवे स्टेशन से जनशताब्दी एक्सप्रेस पकड़ी थी. इसी यात्रा के दौरान उनके लापता होने की बात सामने आई थी. इसके बाद से उनके परिजन और परिचित उनकी तलाश में जुटे हुए थे.
मित्र और सहकर्मी के साथ ट्रेन में हुए थे सवार
परिजनों और दोस्तों की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई अपील के मुताबिक, देवपालिक सोमवार को अपने मित्र और सहकर्मी गौतम कुमार के साथ ट्रेन में सवार हुए थे. जनशताब्दी एक्सप्रेस दोपहर करीब 2:25 बजे रांची स्टेशन से पटना के लिए रवाना हुई थी. यात्रा के दौरान ही उनके लापता होने की सूचना सामने आई.
सोशल मीडिया के जरिए मांगी गई थी मदद
देवपालिक के लापता होने के बाद उनके परिजनों और दोस्तों ने सोशल मीडिया पर लोगों से मदद की अपील की थी. उनका उद्देश्य देवपालिक के बारे में जानकारी जुटाना और उनकी तलाश में सहयोग प्राप्त करना था. शव मिलने की खबर के बाद परिवार और परिचितों के लिए यह घटना गंभीर चिंता का विषय बन गई है.
मौत की वजह का पता लगाने में जुटी पुलिस
देवपालिक गुप्ता की मौत के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हुआ है. पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है. यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि वह ट्रेन से कब और कहां अलग हुए तथा बरवादाग तक कैसे पहुंचे. जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही घटना की परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी.

