प्रिंस खान गैंग पर सबसे बड़ी चोट: मेजर की लाल डायरी और 3 दिन की रिमांड में खुलेंगे कई बड़े राज!
प्रिंस खान गैंग के थिंक टैंक सैफी उर्फ मेजर को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. मेजर के पास से बरामद लाल डायरी में रंगदारी और अवैध लेनदेन का पूरा हिसाब मिलने की बात सामने आई है. पुलिस को उम्मीद है कि अगले 72 घंटे में प्रिंस खान गैंग से जुड़े कई बड़े राज खुल सकते हैं.

Dhanbad: धनबाद के संगठित अपराध जगत में एक बड़ा मोड़ उस वक्त आया, जब कुख्यात भगोड़े अपराधी प्रिंस खान के करीबी सहयोगी सैफी उर्फ मेजर को कोर्ट ने 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया. दुबई के अजमान से भारत लाए गए मेजर को धनबाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को पूछताछ के लिए रिमांड मंजूर की गई. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मेजर सिर्फ प्रिंस खान गैंग का गुर्गा नहीं, बल्कि पूरे रंगदारी नेटवर्क का ‘थिंक टैंक’ माना जाता है. सबसे अहम बात यह है कि उसके सामान से बरामद लाल डायरी में रंगदारी और अवैध लेनदेन का पूरा हिसाब-किताब दर्ज होने की बात सामने आई है. माना जा रहा है कि अगले 72 घंटे में गैंग से जुड़े कई बड़े राज सामने आ सकते हैं.
कोलकाता एयरपोर्ट पर हुई गिरफ्तारी
सैफी उर्फ मेजर को दुबई के अजमान से ट्रैक कर भारत लाया गया. जैसे ही वह कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट पर उतरा, इमिग्रेशन अधिकारियों और स्पेशल टीम ने उसे हिरासत में ले लिया. धनबाद पुलिस पहले से उसके मूवमेंट पर नजर रखे हुए थी. बताया जा रहा है कि वह कोलकाता से सड़क मार्ग के जरिए धनबाद पहुंचने की योजना बना रहा था, लेकिन एयरपोर्ट पर ही उसका खेल खत्म हो गया. धनबाद पुलिस के लिए यह बड़ी सफलता मानी जा रही है.
कौन है सैफी उर्फ मेजर, क्यों है इतना अहम?
सैफी उर्फ मेजर का पूरा नाम सैयद सैफ अब्बास नकवी बताया जाता है. उसका बचपन धनबाद के वासेपुर इलाके में बीता और यहीं से वह आपराधिक गिरोहों के संपर्क में आया. पुलिस के अनुसार, वह प्रिंस खान गैंग का डिजिटल और ऑपरेशनल दिमाग था. वर्चुअल नंबर, फर्जी आईडी और विदेशी नंबरों से धमकी भरे ऑडियो-वीडियो भेजकर कारोबारियों से 50 लाख से 2 करोड़ रुपये तक की रंगदारी मांगने का काम वही संभालता था.
लाल डायरी में रंगदारी का पूरा हिसाब
मामले का सबसे सनसनीखेज पहलू वह लाल डायरी है, जो मेजर के सामान की तलाशी में बरामद हुई. सूत्रों के मुताबिक, इस डायरी में रंगदारी से जुड़े लेनदेन, रकम, नाम और पैसों के ट्रांजैक्शन का पूरा ब्यौरा दर्ज है. पुलिस को उम्मीद है कि इस डायरी के जरिए यह पता चल सकेगा कि धनबाद समेत राज्य के किन-किन जिलों से कारोबारियों से वसूली की गई और रकम किन लोगों तक पहुंचाई गई. जांच एजेंसियों को शक है कि हवाला नेटवर्क के जरिए पैसा विदेश भेजा जाता था.
प्रिंस खान तक पहुंचने की सबसे बड़ी कड़ी
पुलिस सूत्रों का मानना है कि मेजर की गिरफ्तारी प्रिंस खान तक पहुंचने की सबसे मजबूत कड़ी साबित हो सकती है. जानकारी मिली है कि लगातार पुलिस दबाव के बाद प्रिंस खान ने अपना ठिकाना दुबई से पाकिस्तान के बहावलपुर में शिफ्ट कर लिया है. ऐसे में मेजर से पूछताछ के जरिए उसके मौजूदा ठिकाने, नेटवर्क और लोकल मददगारों की जानकारी मिल सकती है. यही वजह है कि 3 दिन की रिमांड को बेहद अहम माना जा रहा है.
अगले 72 घंटे पर सबकी नजर
अब पूरे मामले में सबकी नजर अगले 72 घंटे पर टिकी है. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान गैंग के आर्थिक नेटवर्क, रंगदारी रैकेट, हत्या और धमकी से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. धनबाद पुलिस की इस कार्रवाई को प्रिंस खान गैंग पर अब तक की सबसे बड़ी चोट माना जा रहा है. माना जा रहा है कि मेजर की गिरफ्तारी और लाल डायरी से मिले सुराग आने वाले दिनों में कई बड़े चेहरों को बेनकाब कर सकते हैं.

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