खान सर को बड़ी राहत: पटना कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत, दोनों बॉडीगार्ड्स समेत 6 लोगों को राहत
पटना के चर्चित शिक्षक खान सर को कोचिंग विवाद और फायरिंग मामले में बड़ी राहत मिली है. पटना सिविल कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी है. उनके दोनों निजी सुरक्षा कर्मियों समेत कुल छह आरोपियों को भी जमानत मिली है.

Patna: चर्चित शिक्षक खान सर को कोचिंग विवाद और फायरिंग मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है. पटना सिविल कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के बाद खान सर उर्फ फैसल खान को अग्रिम जमानत दे दी. अदालत ने उनके दोनों निजी सुरक्षा कर्मियों समेत कुल छह आरोपियों को भी राहत देते हुए जमानत मंजूर की. यह मामला जून 2026 में खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान के बाहर हुई कथित फायरिंग और तोड़फोड़ की घटना से जुड़ा है. इस फैसले के बाद गिरफ्तारी की आशंका खत्म हो गई है, जबकि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.
कोर्ट ने सुनाया फैसला, खान सर को मिली अग्रिम जमानत
पटना सिविल कोर्ट ने लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में सोमवार को अपना फैसला सुनाते हुए खान सर को अग्रिम जमानत दे दी. अदालत ने इससे पहले दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था. जिला जज की अनुपस्थिति के कारण पहले फैसला टल गया था, जिसके बाद सोमवार को आदेश जारी किया गया. कोर्ट ने न केवल खान सर बल्कि उनके दोनों निजी सुरक्षा कर्मियों और अन्य आरोपियों को भी राहत प्रदान की. फैसले के साथ ही खान सर को गिरफ्तारी से सुरक्षा मिल गई है. यह आदेश उस समय आया जब बचाव पक्ष लगातार यह दलील दे रहा था कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से हुई है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की समीक्षा की जानी चाहिए. अदालत के इस फैसले को मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ माना जा रहा है.
किन धाराओं में दर्ज हुआ था मामला?
यह पूरा मामला जून 2026 में हुई फायरिंग की घटना से जुड़ा है. कदमकुआं थाना पुलिस ने वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 4 जून 2026 को कांड संख्या 418/2026 दर्ज किया था. प्राथमिकी में खान सर, उनके दोनों निजी सुरक्षा कर्मियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया. आरोपों में हत्या के प्रयास और अवैध हथियार के इस्तेमाल जैसी गंभीर धाराएं भी शामिल थीं. पुलिस ने घटना के बाद दोनों सुरक्षा कर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. वहीं, गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए खान सर ने अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई पूरी होने के बाद अब फैसला उनके पक्ष में आया है.
सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ?
मामले की सुनवाई पहले ही पूरी हो चुकी थी और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. पिछली निर्धारित तारीख पर जिला जज की अनुपस्थिति के कारण आदेश जारी नहीं हो पाया था, जिसके चलते फैसला सोमवार तक टाल दिया गया. सुनवाई के दौरान अदालत ने खान सर उर्फ फैसल खान की आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी भी मांगी थी. बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि पुलिस ने अपनी केस डायरी में जांच के सभी तथ्यों का उल्लेख किया है और अंतिम रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है. इसी आधार पर बचाव पक्ष ने अग्रिम जमानत की मांग की. अदालत ने सभी दलीलों और उपलब्ध दस्तावेजों पर विचार करने के बाद सोमवार को अपना अंतिम आदेश सुनाया और आरोपियों को राहत प्रदान की.
खान सर के वकील ने क्या कहा?
फैसले के बाद खान सर के वकील अरविंद सिंह महुआर ने कहा कि अदालत ने उनके मुवक्किल को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है. उन्होंने बताया कि हवा में फायरिंग के आरोप में गिरफ्तार किए गए दोनों निजी सुरक्षा कर्मियों को भी जमानत मिल गई है. उनके अनुसार, इस मामले में कुल छह लोगों को अदालत से राहत मिली है. वकील ने कहा कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच करते हुए जो तथ्य सामने आए, उन्हें केस डायरी में दर्ज किया और उसी आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया. उन्होंने यह भी कहा कि अदालत के आदेश के बाद अब उनके मुवक्किल को गिरफ्तारी का खतरा नहीं रहेगा. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और सभी पक्ष कानून के अनुसार अपना पक्ष रखते रहेंगे.
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान के बाहर कथित तौर पर कुछ उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की और तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई. आरोप है कि घटना के दौरान खान सर के निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा फायरिंग की गई, जिसके बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. वीडियो के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और खान सर समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. इसके बाद दोनों सुरक्षा कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि खान सर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत का रुख किया. अब अदालत द्वारा अग्रिम जमानत दिए जाने से उन्हें बड़ी राहत मिली है. हालांकि, मामले की जांच और ट्रायल की प्रक्रिया जारी रहेगी तथा अंतिम निर्णय अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही होगा.

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