निशा भगत आत्महत्या मामले में बाबूलाल मरांडी का बड़ा आरोप, कहा- पुलिस ने शिकायत पर नहीं लिया संज्ञान
निशा भगत आत्महत्या मामले को लेकर बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. मरांडी ने अजय तिर्की और संबंधित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की बात कही है.

Ranchi: झारखंड में निशा भगत की आत्महत्या के मामले को लेकर बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि आत्महत्या से पहले निशा भगत ने कथित तौर पर पुलिस को फोन कर अपने साथ हो रही घटनाओं की जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. मरांडी का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने उनकी शिकायत पर संज्ञान लिया होता, तो शायद यह दुखद घटना टाली जा सकती थी. उन्होंने इस मामले को महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया.
बाबूलाल मरांडी ने अजय तिर्की और पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की
बाबूलाल मरांडी ने मांग की कि निशा भगत ने जिन पुलिस अधिकारियों को फोन कर जानकारी दी थी, उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने अजय तिर्की की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई. मरांडी ने कहा कि पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि आखिर किन परिस्थितियों में निशा भगत को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध, जमीन माफिया और कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है. इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया.
बाबूलाल मरांडी ने दी आंदोलन की चेतावनी, मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना
बाबूलाल मरांडी ने राज्य में पहले हुई कुछ अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कई मामलों में अब तक जांच और कार्रवाई को लेकर सवाल बने हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात में सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए सुरक्षित रहना मुश्किल होता जा रहा है. मरांडी ने मुख्यमंत्री से राज्य की कानून-व्यवस्था पर ध्यान देने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निशा भगत मामले में अजय तिर्की और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं की गई, तो वे आंदोलन करेंगे.

