प्रधानमंत्री को चला गया बीप वाला इमरजेंसी एलर्ट मैसेज, फिर क्या हुआ?
मोबाइल फोन पर आने वाले तेज बीप वाले इमरजेंसी अलर्ट फिलहाल बंद हो गए हैं. केंद्र सरकार ने Cell Broadcast System (CBS) को अगले आदेश तक रोक दिया है. जानिए इसकी वजह और आगे क्या होगा.

पिछले कुछ महीनों में देशभर के करोड़ों मोबाइल यूजर्स को अचानक तेज बीप की आवाज के साथ इमरजेंसी अलर्ट मैसेज मिलने लगे थे. Android और Iphone दोनों पर दिखाई देने वाले इन अलर्ट्स का मकसद आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को समय रहते चेतावनी देना था. लेकिन अब फिलहाल यह सेवा बंद कर दी गई है. केंद्र सरकार ने सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (CBS) को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है.
क्यों बंद की गई Cell Broadcast Service?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) द्वारा संचालित इस सिस्टम को कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों के चलते अस्थायी रूप से रोका गया है. बताया जा रहा है कि सिस्टम की टेस्टिंग के दौरान कथित तौर पर प्रधानमंत्री के मोबाइल नंबर पर भी आपदा संबंधी अलर्ट संदेश पहुंच गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना के बाद अधिकारियों ने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कुछ खामियों की ओर ध्यान दिलाया. इसके बाद 12 जून से इस सेवा को अगले आदेश तक रोक दिया गया. हालांकि NDMA की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक विस्तृत टिप्पणी नहीं की गई है.
क्या है Cell Broadcast System और कैसे करता है काम?
Cell Broadcast System एक विशेष मोबाइल अलर्ट तकनीक है, जिसका उपयोग प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों तक तुरंत चेतावनी पहुंचाने के लिए किया जाता है. इस सिस्टम के जरिए भूकंप, सुनामी, बाढ़, चक्रवात, भारी बारिश या अन्य आपदाओं से जुड़ी जानकारी सीधे मोबाइल फोन पर भेजी जाती है. इसकी खास बात यह है कि आपका फोन साइलेंट मोड पर होने के बावजूद तेज बीप की आवाज और वाइब्रेशन के साथ अलर्ट दिखाता है. नोटिफिकेशन लगभग 30 सेकंड तक स्क्रीन पर दिखाई देता है ताकि यूजर उसे नजरअंदाज न कर सके.
फिर कब शुरू होगी यह सेवा?
फिलहाल सरकार या NDMA की ओर से CBS सेवा दोबारा शुरू करने को लेकर कोई आधिकारिक तारीख जारी नहीं की गई है. माना जा रहा है कि सिस्टम में मौजूद तकनीकी कमियों की समीक्षा और सुधार के बाद ही इसे फिर से शुरू किया जाएगा. भारत में विकसित यह स्वदेशी सिस्टम जियो-टार्गेटेड तकनीक पर आधारित है. यानी यह केवल अंग्रेजी और हिंदी ही नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्र की स्थानीय भाषा में भी अलर्ट भेज सकता है. भविष्य में इस तकनीक के जरिए आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की योजना है. जब तक यह सेवा दोबारा शुरू नहीं होती, तब तक मोबाइल यूजर्स को अचानक आने वाली तेज बीप वाली चेतावनियों से राहत जरूर मिलेगी. हालांकि आपदा के समय ऐसी तकनीक लोगों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.







Leave a comment