कांग्रेस के बाद अब बीजेपी भी पहुंची अरगोड़ा थाना, पत्थरबाजी मामले में FIR दर्ज कराने की तैयारी
“रांची में बीजेपी प्रदेश कार्यालय घेराव के दौरान हुए बवाल के बाद मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है. कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ने अरगोड़ा थाना में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी.”

Ranchi: बीजेपी प्रदेश कार्यालय घेराव के दौरान हुए बवाल को लेकर अब सियासी लड़ाई थाने तक पहुंच गई है. कांग्रेस पहले ही बीजेपी नेताओं पर पत्थरबाजी कराने का आरोप लगाते हुए अरगोड़ा थाना में लिखित शिकायत दर्ज करा चुकी है. अब इसके जवाब में बीजेपी भी गुरुवार शाम अरगोड़ा थाना पहुंच गई है. पार्टी के नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाना पहुंचे हैं. बीजेपी का आरोप है कि प्रदेश कार्यालय घेराव के दौरान कांग्रेस समर्थकों ने सुनियोजित तरीके से पत्थरबाजी की, अंडे और टमाटर फेंके और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला किया, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हुए. अब एक ही घटना को लेकर दोनों दल आमने-सामने हैं और दोनों एक-दूसरे पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
कांग्रेस ने लगाया था पत्थरबाजी कराने का आरोप
घटना के बाद कांग्रेस ने सबसे पहले अरगोड़ा थाना में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत अन्य नेताओं पर आरोप लगाया गया कि उनके इशारे पर प्रदर्शनकारियों पर पत्थर फेंके गए. कांग्रेस ने इसे जानलेवा हमला बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
अब बीजेपी ने भी खोला मोर्चा
कांग्रेस की शिकायत के कुछ घंटे बाद ही बीजेपी ने भी पलटवार कर दिया. पार्टी की ओर से पहले ही घोषणा की गई थी कि शाम 5:40 बजे नेता और कार्यकर्ता अरगोड़ा थाना पहुंचकर कांग्रेस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेंगे. तय कार्यक्रम के अनुसार बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल थाना पहुंचा. पार्टी का आरोप है कि घेराव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पथराव किया, अंडे और टमाटर फेंके और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की. बीजेपी का दावा है कि इस घटना में उसके कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं.
पुलिस के सामने दोनों पक्ष
अब अरगोड़ा थाना पुलिस के पास कांग्रेस और बीजेपी, दोनों की शिकायत पहुंच चुकी है. पुलिस पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो फुटेज, सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी. इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल प्रदेश कार्यालय घेराव के दौरान शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर कानूनी लड़ाई में बदलता नजर आ रहा है.
जांच पर रहेगी नजर
अंडे, टमाटर, पत्थरबाजी और पुलिस लाठीचार्ज के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है. दोनों दल खुद को पीड़ित बता रहे हैं और एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा रहे हैं. ऐसे में अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई होती है.

