चिरौंदी में पाइपलाइन कार्य के दौरान हादसा, गड्ढे में गिरने से मजदूर की मौत
“रांची के चिरौंदी इलाके में पाइपलाइन बिछाने के दौरान एक मजदूर की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.”

राजधानी रांची के चिरौंदी इलाके में एक दर्दनाक हादसे ने मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदे गए गड्ढे में गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है. मृतक की पहचान रोहित कुमार के रूप में हुई है, जो कांके थाना क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है. घटना के बाद स्थानीय लोगों और मजदूरों ने कंपनी की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों को लेकर नाराजगी जताई है. बताया जा रहा है कि मौके पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ. इस घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही की समस्या को उजागर कर दिया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग भी तेज हो गई है.
पाइपलाइन निर्माण के दौरान हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, चिरौंदी पेट्रोल पंप के पास एक निजी कंपनी द्वारा पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा था. इसी दौरान कार्यस्थल पर खोदे गए गहरे गड्ढे में मजदूर रोहित कुमार गिर गया. घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद अन्य मजदूरों ने उसे बाहर निकाला और पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और सहकर्मियों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था. मजदूरों को हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट या अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे. बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के उन्हें जोखिम भरे काम में लगाया गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ. लोगों का कहना है कि अगर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होते, तो शायद इस जानलेवा घटना को टाला जा सकता था.
मुआवजे की मांग और जांच जारी
घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और मृतक के परिवार के लिए मुआवजे की मांग उठने लगी. परिजनों और स्थानीय लोगों ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और मामले की जांच शुरू कर दी है. प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं, इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत को रेखांकित किया है.

