ACB ने RIMS जमीन घोटाला जांच में बड़ा कदम उठाया, 10 अधिकारियों कर्मियों को नोटिस
“RIMS (Rajendra Institute of Medical Sciences) की जमीन पर कथित अवैध कब्जा और फर्जी रजिस्ट्री के मामले में ACB ने बड़ी कार्रवाई की. बड़गाईं अंचल के वर्तमान और पूर्व CO समेत कुल 10 अधिकारियों, अमीन, राजस्व कर्मियों और कथित दलालों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया गया.”

Ranchi: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) की जमीन पर कथित अवैध कब्जा, गलत रजिस्ट्री और बिक्री के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. एसीबी ने बड़गाईं अंचल के वर्तमान व पूर्व अंचल अधिकारी (CO) सहित कुल 10 लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है. यह कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है जिसे झारखंड झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसीबी को सौंपा गया था, ताकि रिम्स की सरकारी जमीन से जुड़ी अनियमितताओं का संज्ञान लिया जा सके. प्रारंभिक जांच में 1993 के बाद रिम्स के अधिग्रहित जमीन पर कब्जा और गलत तरीके से रजिस्ट्री किए जाने के प्रमाण मिले हैं, जिनके आधार पर आरोपियों को नोटिस दिया गया है.
अवैध कब्जा रजिस्ट्री का खेल और जांच का पर्दाफाश
एसीबी की जांच से पता चला है कि RIMS की सरकारी जमीन, जो अस्पताल विस्तार और सार्वजनिक उपयोग के लिए रखी गई थी, वह बिना ठीक से सत्यापन के निजी व्यक्तियों के नाम पर रजिस्टर्ड कर दी गई. शुरुआती जांच में राजस्व अभिलेखों, दाखिल खारिज विवरण और रजिस्ट्री कागजात की पड़ताल के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिससे संभावित मिलीभगत और लापरवाही के संकेत मिल रहे हैं. आलोचकों का कहना है कि अगर समय पर रिकॉर्ड वेरिफिकेशन सही ढंग से किया गया होता, तो यह अवैध कब्जा संभव नहीं होता. एसीबी अब संबंधित दस्तावेजों और बयानों का मिलान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है.
काफी पहले हो चुका था जमीन का अधिग्रहण
वित्तीय और प्रशासनिक रिकॉर्ड की जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि जमीन का अधिग्रहण काफी पहले हो चुका था, लेकिन 1990 के दशक के बाद इस जमीन पर कब्जा और रजिस्ट्री की प्रक्रिया संदिग्ध रूप से आगे बढ़ी. एसीबी अब राजस्व कार्यालय, रजिस्ट्री कार्यालय, स्थानीय अमीन और अन्य संबंधित कर्मचारियों से जवाब तलब कर चुकी है. दोषियों की पहचान के बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जिम्मेदारियों के निर्धारण की संभावना जताई जा रही है.
हाईकोर्ट का रिम्स जमीन मामले में कड़ा रुख
इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने रिम्स की जमीन पर अतिक्रमण और अवैध बिक्री के आरोपों पर ACB जांच का आदेश दिया था और कोर्ट ने सरकार को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे कि दोषियों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाएं और अगर कब्जाधारियों को हटाया जा रहा है तो उचित मुआवजा उनके नाम न लिया जाए. कोर्ट ने कहा था कि जमीन खरीद फरोख्त और कब्जे से जुड़े मामलों की जांच में पुलिस, राजस्व और रजिस्ट्री अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं.

