गांधी जयंती पर CEC के खिलाफ सड़क पर उतरे AAP कार्यकर्ता, जंतर-मंतर पहुंचे सौरभ भारद्वाज हिरासत में
गांधी जयंती पर दिल्ली का जंतर-मंतर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का केंद्र बना. AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया. प्रदर्शन के मद्देनजर नई दिल्ली में BNSS की धारा 163 लागू रही और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई.

New Delhi: गांधी जयंती के दिन दिल्ली का जंतर-मंतर सियासी प्रदर्शन का केंद्र बन गया. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए पहुंचे आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने पहले ही अनुमति देने से इनकार कर दिया था और नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 लागू की गई थी. इसके बावजूद भारद्वाज जंतर-मंतर पहुंचे और समर्थकों से शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की. पुलिस ने उन्हें और AAP विधायक संजीव झा समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. प्रदर्शन के मद्देनजर जंतर-मंतर और आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई, बैरिकेडिंग की गई और दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट भी अस्थायी रूप से बंद रखा गया.
CEC के खिलाफ प्रदर्शन से पहले ही पुलिस का पहरा
2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुबह से ही दिल्ली में हलचल थी. प्रदर्शन का आह्वान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था और इसमें AAP के साथ छात्र एवं सामाजिक संगठनों के लोगों के शामिल होने की बात कही गई थी. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग CEC के इस्तीफे की थी. प्रदर्शन का मुद्दा चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों से जुड़ा है. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था. इसके बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई और पुलिस बल की तैनाती की गई. नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 भी लागू रही. यानी प्रशासन ने पहले ही साफ कर दिया था कि तय प्रतिबंधों के बीच बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की अनुमति नहीं होगी.
‘मैं पहुंच गया, आप भी पहुंचिए’… सौरभ भारद्वाज ने पुलिस को चकमा नहीं, खुलेआम दी चुनौती
पुलिस की पाबंदियों के बीच सौरभ भारद्वाज जंतर-मंतर पहुंच गए. वहां पहुंचने के बाद उन्होंने प्रदर्शनकारियों और युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की. भारद्वाज ने कहा कि अगर वह बिना कार के मेट्रो और ऑटो से जंतर-मंतर पहुंच सकते हैं, तो दूसरे लोग भी वहां पहुंच सकते हैं. उन्होंने अपने सफर का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने मेट्रो के लिए 11 रुपये और ऑटो के लिए 80 रुपये दिए. यानी 91 रुपये में वह प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे. भारद्वाज ने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों से जोड़ते हुए लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की. लेकिन प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. उनके साथ AAP विधायक संजीव झा को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है. AAP नेता ने हिरासत में लिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद उन्हें और संजीव झा को पुलिस ने हिरासत में लिया है और आंदोलन जारी रहेगा.
11 मेट्रो स्टेशन बंद, जंतर-मंतर रोड पर बैरिकेडिंग…
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी. जंतर-मंतर रोड और आसपास के इलाकों में बैरिकेड लगाए गए और आवाजाही को नियंत्रित किया गया. दिल्ली मेट्रो ने भी 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी तौर पर बंद रखा. इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली जैसे स्टेशन शामिल थे. कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रही. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी जंतर-मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की. लोगों को प्रभावित रास्तों से बचने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई. प्रदर्शन स्थल के आसपास भारी पुलिस और सुरक्षा बल की मौजूदगी रही. ऐसे में गांधी जयंती के दिन जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन और पुलिस की सख्ती ने राजधानी की सियासत को गरमा दिया.
SIR से लेकर वोटर लिस्ट तक उठाए जा रहे सवाल
इस प्रदर्शन के पीछे मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध और उनके इस्तीफे की मांग है. AAP और प्रदर्शन से जुड़े अन्य समूह SIR यानी मतदाता सूची के Special Intensive Revision को लेकर सवाल उठा रहे हैं. विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं कि SIR के दौरान मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल हैं. वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य डुप्लीकेट, मृत और अपात्र मतदाताओं को हटाना तथा मतदाता सूची को अपडेट करना है. यानी जंतर-मंतर का प्रदर्शन सिर्फ एक राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं है. इसके केंद्र में मतदाता सूची, SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चल रही बहस है. सौरभ भारद्वाज की हिरासत ने इस टकराव को और सुर्खियों में ला दिया है. अब देखना होगा कि गांधी जयंती पर जंतर-मंतर से शुरू हुआ यह विरोध आगे किस रूप में बढ़ता है और AAP समेत प्रदर्शन में शामिल संगठन अपनी मांगों को लेकर आगे की क्या रणनीति अपनाते हैं.

