रांची में अपराधियों के पास मिला ‘USA मार्किंग’ वाला हथियार, पुलिस जांच में जुटी
“रांची में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से “MADE IN USA” मार्किंग वाली पिस्तौल बरामद की है. मामले के बाद अवैध हथियार नेटवर्क को लेकर जांच तेज कर दी गई है. पुलिस को आशंका है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे.”

झारखंड की राजधानी Ranchi में अपराधियों के पास से विदेशी मार्किंग वाला हथियार मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से बरामद पिस्तौल पर “MADE IN USA” लिखा हुआ पाया गया. इस बरामदगी ने शहर में सक्रिय अवैध हथियार नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गतिविधियां संदिग्ध थीं और उन्हें किसी बड़ी वारदात की तैयारी करते हुए पकड़ा गया. तलाशी के दौरान हथियार और जिंदा कारतूस मिलने के बाद सभी को हिरासत में लिया गया. शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि अपराधी अब विदेशी मार्किंग वाले हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था के लिए नई चुनौती पैदा हो सकती है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह हथियार कहां से आया और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है.
गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि गंगानगर करम चौक के पास कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं. सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पुलिस वाहन को देखते ही चारों युवक वहां से भागने लगे, लेकिन जवानों ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया.
जांच के दौरान अंकित खलखो नामक युवक के पास से एक पिस्तौल बरामद हुई. हथियार पर “ELEY” और “MADE IN USA” की मार्किंग दर्ज थी. इसके अलावा मैगजीन से दो जिंदा कारतूस भी मिले, जिन पर “9mm 22 KF 16” अंकित था.
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी
पुलिस ने मामले में सहदेव तिग्गा, अंकित खलखो, रवि लकड़ा और संदीप कुमार उर्फ बब्लू को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार कहां से खरीदा गया और क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है.
विदेशी मार्किंग वाले हथियारों ने बढ़ाई चिंता
रांची में विदेशी मार्किंग वाले हथियार की बरामदगी ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या शहर में अवैध हथियार सप्लाई का कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है.
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हथियार अपराधियों के मनोबल को बढ़ा सकते हैं और बड़ी आपराधिक घटनाओं में इस्तेमाल किए जा सकते हैं. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

