नासिक TCS केस में नया मोड़, आरोपी निदा खान ने प्रेग्नेंसी का हवाला देकर मांगी अग्रिम जमानत
Tata Consultancy Services के नासिक केस में आरोपी निदा खान ने गर्भावस्था का हवाला देकर अग्रिम जमानत मांगी है. SIT जांच जारी है और अब तक सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. मामले में यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के गंभीर आरोप शामिल हैं.


महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन मामले में शुक्रवार को एक नया मोड़ सामने आया है. लंबे समय से फरार बताई जा रही आरोपी निदा खान की लोकेशन मुंबई में होने की जानकारी मिली है. परिवार की ओर से अदालत में दायर अर्जी में बताया गया है कि वह गर्भवती हैं और इसी आधार पर स्थानीय कोर्ट से अग्रिम जमानत की मांग की गई है. इस घटनाक्रम ने पहले से संवेदनशील बने मामले को और गंभीर बना दिया है. पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) पहले से दर्ज कई शिकायतों की जांच कर रही है. इस बीच यह दावा भी सामने आया है कि निदा खान की कंपनी में भूमिका को लेकर शुरुआती जानकारी और वास्तविक पद में अंतर हो सकता है. मामले में अब तक कई कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
क्या है ताजा अपडेट?
मामले की मुख्य आरोपी मानी जा रही निदा खान की ओर से अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई है. याचिका में उनकी मेडिकल स्थिति, विशेष रूप से गर्भावस्था, को राहत का प्रमुख आधार बनाया गया है. जांच एजेंसियां फिलहाल उनकी भूमिका और आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हैं.
पद को लेकर नया दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निदा खान को शुरुआत में टीसीएस की नासिक शाखा में एचआर मैनेजर बताया गया था, लेकिन अब यह दावा सामने आया है कि वह उस पद पर नहीं थीं और कथित तौर पर टेलीकॉलर के रूप में कार्यरत थीं. हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी.
अब तक सात गिरफ्तारियां
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें छह पुरुष कर्मचारी और एक महिला एचआर विभाग से जुड़ी अधिकारी शामिल हैं. जांच टीम को कुल नौ शिकायतें और एफआईआर प्राप्त हुई हैं, जिनमें महिला और पुरुष दोनों कर्मचारियों ने आरोप लगाए हैं.
शिकायतों में क्या आरोप?
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच कार्यस्थल पर मानसिक, शारीरिक और यौन उत्पीड़न की घटनाएं हुईं. कुछ शिकायतों में शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाने, आपत्तिजनक टिप्पणियां करने और अनुचित व्यवहार के आरोप भी शामिल हैं. इसके अलावा कुछ कर्मचारियों ने धार्मिक उत्पीड़न, जबरन धार्मिक प्रथाओं का पालन कराने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.
कंपनी का पक्ष
टीसीएस ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कंपनी की कार्यस्थल पर किसी भी तरह के उत्पीड़न के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति है. कंपनी ने कहा कि शिकायतों की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई और जिन कर्मचारियों पर आरोप हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है. साथ ही कंपनी ने पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने की बात दोहराई है.

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