पटना में छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, रौशन आनंद को बताया निर्दोष, खान सर की गिरफ्तारी की मांग तेज
कोचिंग विवाद अब केवल पुलिसिया जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह छात्रों के बड़े आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है. ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को हजारों छात्र पटना की सड़कों पर उतर आए.

Patna: कोचिंग विवाद अब केवल पुलिसिया जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह छात्रों के बड़े आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है. ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को हजारों छात्र पटना की सड़कों पर उतर आए. कारगिल चौक पर जुटे छात्रों ने "जेल का ताला टूटेगा, रौशन सर छूटेगा" और "खान सर हाय-हाय" जैसे नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों ने रौशन आनंद को निर्दोष बताते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की, वहीं खान सर और उनके सुरक्षाकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग भी उठाई.
रौशन आनंद की गिरफ्तारी के खिलाफ छात्रों का शक्ति प्रदर्शन
कारगिल चौक पर बड़ी संख्या में जुटे छात्रों का कहना था कि रौशन आनंद को एकतरफा कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया गया है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आए बिना ही पुलिस ने कार्रवाई कर दी. छात्रों ने कहा कि यदि वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच हो, तो कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने लगातार नारेबाजी की और रौशन आनंद के समर्थन में आवाज बुलंद की. कई छात्रों का कहना था कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है, लेकिन जांच सभी पक्षों को ध्यान में रखकर होनी चाहिए.
वायरल वीडियो के बाद जांच पर उठे सवाल
विवाद में नया मोड़ उस समय आया जब एक वीडियो सामने आया, जिसमें कथित तौर पर फायरिंग जैसी गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया गया. इसके बाद पुलिस ने वीडियो में दिख रहे दोनों गार्डों को पूछताछ के लिए बुलाया और उनके हथियार जब्त कर लिए. पुलिस अब हथियारों के लाइसेंस, उपयोग और तकनीकी जांच की प्रक्रिया में जुटी हुई है. वीडियो सामने आने के बाद छात्रों और रौशन आनंद समर्थकों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी है. उनका दावा है कि अब तक जो तस्वीर सामने आई थी, वीडियो के बाद उसमें कई सवाल जुड़ गए हैं.
ज्ञान बिंदु कोचिंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उठाए सवाल
गुरुवार को ज्ञान बिंदु कोचिंग की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई. संस्थान के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि वायरल वीडियो में रौशन आनंद कहीं दिखाई नहीं देते, फिर भी उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की. प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी आरोप लगाया गया कि घटना के कई पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है. संस्थान की ओर से कहा गया कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा.
2 जून की घटना से शुरू हुआ विवाद
बताया जाता है कि 2 जून की रात पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित कोचिंग संस्थान के बाहर हंगामा, मारपीट और पत्थरबाजी की घटना हुई थी. इसके बाद मामला तेजी से बढ़ा और पुलिस ने विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की. इसी मामले में रौशन आनंद समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. घटना के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. एक पक्ष हमला और तोड़फोड़ का आरोप लगा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है.
जांच पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल पूरे मामले में छात्रों का आंदोलन और वायरल वीडियो चर्चा का केंद्र बना हुआ है. रौशन आनंद के समर्थन में सड़क पर उतरे छात्रों ने साफ कर दिया है कि वे मामले की निष्पक्ष जांच और रिहाई की मांग को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं. दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों, वीडियो फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है. अब सबकी नजर पुलिस जांच और अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर यह तय होगा कि विवाद की पूरी सच्चाई क्या है और आगे किसके खिलाफ क्या कार्रवाई होती है.

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