देर रात प्रॉमिस वीडियो अपलोड करने के बाद क्या आया बड़ा फैसला?
“पेपर लीक के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. कैबिनेट ने कानून में संशोधन को मंजूरी दी है, जिसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट, भारी जुर्माना और प्रमुख परीक्षाओं में धोखाधड़ी को गैर-जमानती अपराध बनाने का प्रस्ताव है.”

देशभर में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मोदी कैबिनेट ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है. इस संशोधन का मकसद पेपर लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी पर पहले से ज्यादा सख्ती करना है. अब यह विधेयक संसद में पेश किया जाएगा. यदि संसद से पारित हो जाता है, तो देशभर की प्रमुख प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ और कड़ी कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल जाएगा.
क्या होंगे नए कानून के बड़े बदलाव?
संशोधन विधेयक में पेपर लीक मामलों की तेजी से जांच और सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रावधान किया गया है. सरकार का मानना है कि इससे मामलों का जल्द निपटारा हो सकेगा और दोषियों को जल्दी सजा मिल पाएगी. इसके अलावा, परीक्षा में गड़बड़ी या पेपर लीक में शामिल पाए जाने पर एग्जाम सर्विस प्रोवाइडर्स और टेस्टिंग एजेंसियों पर ₹1 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। साथ ही परीक्षा आयोजित कराने में हुए खर्च की भी वसूली किए जाने का प्रावधान रखा गया है.
NTA, UPSC और SSC की परीक्षाओं में होगी सबसे कड़ी कार्रवाई
विधेयक के अनुसार, NTA, UPSC और SSC जैसी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं से जुड़ी धोखाधड़ी को गैर-जमानती (Non-Bailable) और गैर-समझौतायोग्य (Non-Compoundable) अपराध बनाया जाएगा. यानी ऐसे मामलों में आसानी से जमानत नहीं मिलेगी और समझौते के जरिए मामला खत्म नहीं किया जा सकेगा. सरकार सजा के प्रावधानों को भी और कड़ा करने की तैयारी में है. हालांकि संशोधित विधेयक में अधिकतम सजा कितनी होगी, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. मौजूदा कानून के तहत ऐसे अपराधों में 3 से 10 साल तक की सजा का प्रावधान है.
अब संसद में पेश होगा विधेयक
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई की रात जारी अपने रिकॉर्डेड संदेश में कहा था कि पेपर लीक कानून में संशोधन से जुड़ा विधेयक संसद में लाया जाएगा और सरकार इसे जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी. कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब यह विधेयक संसद में पेश होगा, जहां इस पर चर्चा के बाद इसे पारित किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. यदि यह कानून लागू होता है, तो पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले संगठित नेटवर्क पर कार्रवाई पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो सकती है.



