VIDEO: 'वी वांट जस्टिस, गली-गली में शोर...' संसद के बाहर गूंजे नारे, राहुल गांधी बोले- मेरा माइक बंद किया गया
संसद के मानसून सत्र का पांचवां दिन भी NEET पेपर लीक विवाद की भेंट चढ़ गया. संसद के बाहर विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, जबकि सदन के भीतर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई.

New Delhi: संसद के मानसून सत्र का पांचवां दिन भी NEET पेपर लीक विवाद की भेंट चढ़ गया. संसद के बाहर कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के सांसदों ने "वी वांट जस्टिस, गली-गली में शोर, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" के नारों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया. बारिश के बीच सांसद पोस्टर लेकर मकर द्वार पर डटे रहे. दूसरी ओर संसद के अंदर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार आज ही NEET मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और राहुल गांधी अपने सांसदों को सदन चलाने के लिए समझाएं. वहीं राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब वह जवाब देना चाहते थे तो उनका माइक बंद कर दिया गया और उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया. विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सदन में बयान की मांग पर अड़ा रहा. लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित करनी पड़ी, जबकि राज्यसभा भी बाधित रही. सरकार चर्चा की बात कर रही है, लेकिन विपक्ष पहले जवाबदेही तय करने की मांग पर कायम है.
'वी वांट जस्टिस' के नारों से गूंजा संसद परिसर
संसद के मकर द्वार पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल सहित INDIA गठबंधन के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर थे और लगातार "वी वांट जस्टिस", "गली-गली में शोर, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" जैसे नारे लगाए गए. विपक्ष का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इतने बड़े मामले में सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जवाबदेही तय होनी चाहिए. प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया.
रिजिजू की अपील- चर्चा करिए, सदन चलने दीजिए
लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से गतिरोध खत्म करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार आज ही NEET पेपर लीक पर चर्चा कराने को तैयार है. उन्होंने कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल से भी बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही देश को भरोसा दे चुके हैं और अब संसद में चर्चा होनी चाहिए. रिजिजू ने राहुल गांधी से अपने सांसदों को समझाने की अपील करते हुए कहा कि सदन चलना लोकतंत्र के हित में है और इस गंभीर मुद्दे पर बहस से ही समाधान निकलेगा.
राहुल गांधी का आरोप- मेरा माइक बंद कर दिया गया
राहुल गांधी ने सरकार पर संसद में विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि संसदीय परंपरा के अनुसार यदि किसी सदस्य का नाम लिया जाता है तो उसे जवाब देने का अधिकार होता है, लेकिन जब वह बोलने के लिए खड़े हुए तो उनका माइक बंद कर दिया गया. राहुल ने स्पष्ट कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक विपक्ष किसी चर्चा में हिस्सा नहीं लेगा. उनके मुताबिक सरकार चर्चा की बात तो करती है, लेकिन विपक्ष को बोलने का अवसर नहीं देती.
खड़गे और विपक्ष की दो टूक- पहले पीएम बोलें, फिर बहस होगी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद में आकर बयान देना चाहिए. उनका कहना था कि आधी रात को वीडियो संदेश जारी करने के बजाय प्रधानमंत्री को सदन में आकर विपक्ष और देश के सवालों का जवाब देना चाहिए. वहीं केसी वेणुगोपाल ने कहा कि देशभर के छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और सरकार इस मुद्दे पर लीपापोती करने की कोशिश कर रही है. विपक्ष का कहना है कि इस्तीफे के बिना चर्चा का कोई औचित्य नहीं है.
हंगामे में फिर ठप हुई संसद, लगातार पांचवें दिन कामकाज प्रभावित
हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर तक स्थगित हुई और बाद में 27 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई. राज्यसभा भी बार-बार बाधित रही. इस बीच भाजपा ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया और सरकार ने संकेत दिया कि पेपर लीक मामलों में सख्त कानून, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और स्थायी समाधान पर चर्चा की जाएगी. वहीं विपक्ष ने साफ कर दिया कि उसकी प्राथमिकता शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय कराना है. ऐसे में संसद का गतिरोध फिलहाल खत्म होता नहीं दिख रहा और NEET विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक टकराव का केंद्र बन चुका है.

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