बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग, पहले चरण में 89.93% मतदान; 2021 के मुकाबले करीब 5% ज्यादा, हिंसा के बीच भी लंबी कतारें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में मतदाताओं ने रिकॉर्ड उत्साह दिखाया है. चुनाव आयोग के शाम 5 बजे तक जारी आंकड़ों के मुताबिक 16 जिलों की 152 सीटों पर 89.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2021 के पहले चरण के मुकाबले लगभग 5.30 प्रतिशत अधिक है.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में मतदाताओं ने रिकॉर्ड उत्साह दिखाया है. चुनाव आयोग के शाम 5 बजे तक जारी आंकड़ों के मुताबिक 16 जिलों की 152 सीटों पर 89.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2021 के पहले चरण के मुकाबले लगभग 5.30 प्रतिशत अधिक है. उस समय पहले चरण में 84.63% वोटिंग हुई थी. इस बार दिनभर कई इलाकों में लंबी कतारें, महिलाओं और युवाओं की भारी भागीदारी और दूसरी तरफ मुर्शिदाबाद, आसनसोल, सिलीगुड़ी जैसे इलाकों से हिंसा और झड़पों की खबरों ने चुनावी माहौल को बेहद गर्म बनाए रखा. भारी मतदान के बाद अब सभी राजनीतिक दल इसे अपने पक्ष में जनता का समर्थन बता रहे हैं.
पहले चरण में 89.93% मतदान, नया रिकॉर्ड
चुनाव आयोग के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक शाम 5 बजे तक पश्चिम बंगाल के पहले चरण की 152 सीटों पर 89.93% मतदान हुआ. सुबह 9 बजे तक 18.76%, 11 बजे तक 41.11%, दोपहर 1 बजे तक 62.18% और 3 बजे तक 78.77% वोटिंग हुई थी. इसके बाद आखिरी दो घंटों में मतदान में तेज उछाल देखने को मिला. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लाइन में लगे मतदाताओं के वोट जुड़ने के बाद अंतिम प्रतिशत 90% के पार भी जा सकता है.
2021 से तुलना: इस बार कितनी ज्यादा वोटिंग हुई
- 2021 विधानसभा चुनाव – पहले चरण वोटिंग: 84.63%
- 2026 विधानसभा चुनाव – पहले चरण वोटिंग: 89.93%
यानी इस बार पहले चरण में करीब 5.30 प्रतिशत ज्यादा मतदान हुआ है.
यह उछाल साफ तौर पर बताता है कि बंगाल में इस बार राजनीतिक ध्रुवीकरण और मतदाताओं की सक्रियता दोनों पहले से ज्यादा रही. 2021 में कुल चुनाव 8 चरणों में हुआ था, जबकि इस बार पहले चरण में ही 152 सीटों पर बंपर मतदान ने माहौल बदल दिया है.
किन जिलों में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई
शाम 5 बजे तक आए आंकड़ों में कई जिले 89% के ऊपर पहुंच चुके थे.
- अलीपुरद्वार – 88.74%
• बांकुड़ा – 89.91%
• बीरभूम – 91.55%
• कूचबिहार – 92.07%
• दक्षिण दिनाजपुर – 93.12%
• दार्जिलिंग – 86.49%
• जलपाईगुड़ी – 91.20%
• झारग्राम – 90.53%
• कालिम्पोंग – 81.98%
• मालदा – 89.56%
• मुर्शिदाबाद – 91.36%
• पश्चिम बर्धमान – 86.89%
• पश्चिम मेदिनीपुर – 90.70%
• पूर्व मेदिनीपुर – 88.55%
• पुरुलिया – 87.35%
हिंसा, बमबाजी और झड़पों से गरमाया माहौल
रिकॉर्ड मतदान के साथ-साथ कई संवेदनशील इलाकों से हिंसा की खबरें भी सामने आईं. मुर्शिदाबाद के नौदा में देसी बम फेंके गए, जिसमें कई लोग घायल हुए. हुमायूं कबीर के समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट और पथराव हुआ. आसनसोल में भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर हमला हुआ, जबकि कुमारगंज में भाजपा प्रत्याशी पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने का आरोप लगा. सिलीगुड़ी में भी भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई.
भारी मतदान को लेकर TMC-BJP के अपने दावे
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे SIR के विरोध में जनता की प्रतिक्रिया बताया, जबकि भाजपा इसे बदलाव की लहर कह रही है. दोनों दल भारी मतदान को अपने पक्ष में बता रहे हैं. बंगाल की राजनीति में परंपरागत रूप से ज्यादा मतदान को सत्ता-विरोधी लहर या मजबूत ध्रुवीकरण के संकेत के रूप में भी देखा जाता है.

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