Paper Leak Bill पर संसद में हंगामा: सरकार बोली- परीक्षा माफिया पर लगेगी लगाम, विपक्ष ने उठाए सवाल
“लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. चर्चा के दौरान विपक्ष ने NEET, भर्ती परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाया, जबकि सरकार ने बिल को परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया.”

Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में एंटी पेपर लीक बिल को लेकर लोकसभा में जोरदार बहस देखने को मिली. विपक्ष ने पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार पर निशाना साधा, वहीं सत्ता पक्ष ने इस बिल को परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम बताया. चर्चा के दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बीच इमरजेंसी और लोकतंत्र को लेकर तीखी नोकझोंक हुई. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बिल पर चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय किया. विपक्ष ने नीट, शिक्षक भर्ती और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया.
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर 10 घंटे चर्चा
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर बुधवार को चर्चा शुरू हुई. इससे पहले विपक्षी सांसद गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर चर्चा शुरू करने पर सहमत नहीं थे. सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो सरकार 10 घंटे तक चर्चा कराने के लिए भी तैयार है. इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की राय लेने के बाद एंटी पेपर लीक बिल पर 10 घंटे चर्चा कराने का ऐलान किया. सरकार का कहना है कि यह बिल परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लाया गया है, जबकि विपक्ष ने इसे पेपर लीक की समस्या के समाधान से जोड़कर सवाल उठाए.
अखिलेश यादव ने उठाया शिक्षा और भर्ती व्यवस्था का मुद्दा
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में सरकार पर शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के मुद्दे पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्राथमिक शिक्षा से लेकर नौकरी तक युवाओं के हितों को नुकसान पहुंचाया है. अखिलेश ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है. उन्होंने नीट परीक्षा विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी के कारण कई छात्रों को परेशानी उठानी पड़ी. उन्होंने सरकार से प्रभावित छात्रों को न्याय और मुआवजा देने की मांग की. अखिलेश यादव ने शिक्षक भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए.
रिजिजू और अखिलेश में इमरजेंसी को लेकर बहस
एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और अखिलेश यादव के बीच इमरजेंसी को लेकर बहस हुई. अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को सोचना चाहिए कि कहीं युवा ही भविष्य में उसके खिलाफ सबसे बड़ी चुनौती न बन जाएं. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी तो देश की तरक्की भी सुनिश्चित होगी. इस दौरान किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए इमरजेंसी का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आंदोलन के बाद बिल लाना बेहतर है या आंदोलन को दबाने के लिए इमरजेंसी लगाना. इसके जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने इमरजेंसी नहीं देखी, लेकिन हाल के वर्षों में दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान हुई कार्रवाई को देखा है. उन्होंने कहा कि इमरजेंसी के बाद भी बदलाव आया था और अब भी बदलाव होगा.
बीजेपी ने बिल को सरकार की संवेदनशीलता बताया
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने एंटी पेपर लीक बिल का समर्थन करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण बताया. उन्होंने कहा कि पेपर लीक एक गंभीर अपराध है और सरकार परीक्षा माफिया के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है. बांसुरी स्वराज ने कहा कि इस बिल से जांच व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और केंद्र सरकार को टास्क फोर्स बनाने का अधिकार मिलेगा. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के परीक्षा से जुड़े प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार छात्रों के हितों को प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों में बढ़ते नामांकन और सामाजिक न्याय से जुड़े कदमों का भी उल्लेख किया.
गौरव गोगोई ने प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का उठाया मुद्दा
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने चर्चा के दौरान विरोध प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के साथ सख्ती की गई. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों की आवाज सुनना जरूरी है. गौरव गोगोई ने प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई, लाठीचार्ज और अन्य घटनाओं का जिक्र किया. उन्होंने गृह मंत्री से जवाब की मांग की. उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है.
पेपर लीक पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने
एंटी पेपर लीक बिल को लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है. सरकार इसे परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष लगातार नीट और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहा है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि चर्चा के बाद यह बिल किस रूप में आगे बढ़ता है और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए क्या नए प्रावधान लागू किए जाते हैं.


