VIDEO: ममता बनर्जी के घर के बाहर टीएमसी विधायक कुणाल घोष पर अंडा अटैक, बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक और पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर कथित रूप से अंडा फेंका गया.

West Bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक और पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर कथित रूप से अंडा फेंका गया. यह घटना उस समय हुई जब कुणाल घोष पार्टी की एक बैठक में शामिल होने के बाद बाहर निकलकर मीडिया से बातचीत कर रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मीडिया से चर्चा के दौरान अचानक दो युवकों ने विरोध जताया, जिनमें से एक ने कुणाल घोष की ओर अंडा फेंक दिया. घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया. टीएमसी नेताओं ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. वहीं इस घटना ने राज्य की राजनीतिक सरगर्मियों को और तेज कर दिया है, क्योंकि इसे लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.
कुणाल घोष ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटना के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कुणाल घोष ने कहा कि यह केवल उन पर हमला नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और राजनीतिक शिष्टाचार पर हमला है. उन्होंने बताया कि अंडा उनके चेहरे पर लग सकता था, लेकिन आखिरी समय में सिर घुमा लेने के कारण वह सीधे आंख या चश्मे पर नहीं लगा. उन्होंने कहा कि उस समय वह बिना किसी सुरक्षा घेरे के मीडिया से बातचीत कर रहे थे, जिससे हमलावरों को मौका मिला. टीएमसी विधायक ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि इसी प्रकार की घटना किसी वरिष्ठ नेता के साथ होती तो परिणाम गंभीर हो सकते थे. उन्होंने सवाल किया कि जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आवास उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में शामिल है, तब इस तरह की घटना कैसे हो गई. उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
टीएमसी ने बीजेपी पर लगाया हमला, विपक्ष ने किया पलटवार
कुणाल घोष पर अंडा फेंके जाने के बाद टीएमसी नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि घटना में शामिल लोग भाजपा से जुड़े हुए हैं और इसे राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया. टीएमसी नेताओं का आरोप है कि राज्य में राजनीतिक माहौल को अस्थिर करने के लिए इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है. दूसरी ओर, अंडा फेंकने वाले युवक ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि वह कुणाल घोष की कार्यशैली और कथित व्यवहार से नाराज था. उसने कहा कि यह उसका व्यक्तिगत विरोध था. हालांकि घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है और दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं.
अभिषेक बनर्जी पर हमले की घटना फिर हुई चर्चा में
कुणाल घोष पर हुए हमले के बाद टीएमसी नेताओं ने हाल ही में सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ हुई एक अन्य घटना का भी जिक्र किया है. कुछ समय पहले दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में दौरे के दौरान अभिषेक बनर्जी को विरोध का सामना करना पड़ा था. उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से उनके काफिले पर अंडे और पत्थर फेंके थे तथा विरोध प्रदर्शन किया था. घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहे थे. हालांकि उस समय प्राथमिक उपचार के बाद अभिषेक बनर्जी ने अपना कार्यक्रम जारी रखा था. बाद में पुलिस ने मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया था. टीएमसी का कहना है कि राज्य में पार्टी नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जबकि विपक्ष इन आरोपों को खारिज कर रहा है. वर्तमान घटना के बाद एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति में सुरक्षा और राजनीतिक हिंसा का मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है.

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