शेयर बाजार में अचानक जोरदार उछाल: 5 कारणों से सेंसेक्स 787 अंक चढ़ा, निफ्टी 22,968 पर बंद
भारतीय शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला, जहां Sensex 787 अंक चढ़कर 74,107 पर और Nifty 50 22,968 पर बंद हुआ. मिडिल ईस्ट तनाव में कमी, भारतीय रिजर्व बैंक की नीति उम्मीदें और बैंकिंग-आईटी सेक्टर की खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी.


शेयर बाजार ने आज निवेशकों को हैरान कर दिया. सुबह कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, लेकिन दोपहर 12:30 बजे अचानक बाजार ने यू-टर्न ले लिया. सेंसेक्स 787 अंक की तेजी के साथ 74,107 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 255 अंक चढ़कर 22,968 पर पहुंच गया. दिन के दौरान सेंसेक्स 641 अंक और निफ्टी 190 अंक ऊपर चढ़ चुका था. एक्सपर्ट्स के मुताबिक वैश्विक और घरेलू दोनों फैक्टर्स ने मिलकर यह रिकवरी दी. मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेत, आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक, नए वित्त वर्ष की शुरुआत, बैंकिंग-आईटी सेक्टर की खरीदारी और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का सपोर्ट मुख्य वजह बने. कुल मिलाकर बाजार में ₹3 लाख करोड़ से ज्यादा की नई कमाई हुई.
ईरान-अमेरिका सुलह के संकेत ने दिया बल
बाजार की इस तेजी का सबसे बड़ा ट्रिगर मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का कम होना रहा. अमेरिका और ईरान के बीच 45 दिनों के युद्धविराम की चर्चा जोरों पर है. पाकिस्तान के माध्यम से दोनों देशों को ceasefire framework का प्रस्ताव मिला है. ट्रंप प्रशासन ने भी संकेत दिया है कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. इससे ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम $110 प्रति बैरल के नीचे आए और ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट सुधरा. इससे पहले मार्च में युद्ध की वजह से तेल महंगा होने और FPI बिकवाली से बाजार 10% टूट चुका था. अब निवेशकों को महंगाई और सप्लाई चेन पर असर कम होने की उम्मीद है.
ब्याज दरें स्थिर रहने की मजबूत उम्मीद
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हो गई है. बाजार को उम्मीद है कि रेपो रेट 5.25% पर ही बरकरार रहेगा. महंगाई पर काबू और विकास दर को संतुलित रखने के आरबीआई के रुख ने निवेशकों को भरोसा दिया. एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही जियो-पॉलिटिकल टेंशन हो, लेकिन केंद्रीय बैंक नीतिगत स्थिरता बनाए रखेगा. यह उम्मीद भी बाजार को सपोर्ट दे रही है.
वैल्यूएशन आकर्षक, फ्रेश इन्वेस्टमेंट का दौर
अप्रैल नए वित्त वर्ष (FY27) की शुरुआत है. मार्च में भारी बिकवाली के बाद कई शेयरों के वैल्यूएशन काफी आकर्षक हो गए थे. संस्थागत और रिटेल निवेशक नए सिरे से पैसे लगाने लगे हैं. टेक्निकल रूप से बाजार ओवरसोल्ड जोन में था, जिससे शॉर्ट कवरिंग और फ्रेश बाइंग दोनों देखने को मिली. निफ्टी के वैल्यूएशन अब हिस्टोरिकल एवरेज से नीचे आ गए हैं, जिसे एक्सपर्ट्स खरीदारी का अच्छा मौका मान रहे हैं.
बैंकिंग और आईटी सेक्टर में शानदार खरीदारी
बैंकिंग सेक्टर ने रैली की अगुवाई की. एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक के चौथी तिमाही अपडेट पॉजिटिव रहे. इससे बैंक निफ्टी में मजबूत रिकवरी हुई. आईटी सेक्टर में भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था के स्थिर संकेतों से सकारात्मक माहौल बना. ट्रेंट के शेयर 7% चढ़े, क्योंकि कंपनी ने Q4 में 20% रेवेन्यू ग्रोथ का अपडेट दिया. टाइटन, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस और एक्सिस बैंक के शेयर भी 3.5-4% ऊपर रहे.
ज्वेलरी और मिडकैप शेयरों में जोरदार उछाल
सरकार द्वारा सोने-चांदी के आयात मूल्य घटाने के फैसले से ज्वेलरी कंपनियों के शेयर उछल गए. कल्याण ज्वेलर्स 6.3% और सेनको गोल्ड 11% तक चढ़ गए. मिडकैप और स्मॉलकैप कैटेगरी में भी 1.3-1.5% की तेजी रही. PSU बैंक और रियल्टी सेक्टर में 2% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई.
FII बिकवाली के बावजूद बाजार संभला
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) बिकवाली कर रहे थे, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया. LIC और म्यूचुअल फंड्स की खरीदारी ने बड़े क्रैश को रोका और रिकवरी का आधार तैयार किया. पिछले कुछ दिनों की भारी बिकवाली के बाद DII फ्लो ने बाजार को स्थिरता दी.
सेक्टर प्रदर्शन और आगे का आउटलुक
आज PSU बैंक, रियल्टी, मेटल्स, ऑटो और FMCG सेक्टर सबसे ज्यादा चमके. मीडिया इंडेक्स सपाट रहा, जबकि आईटी में मामूली बढ़त रही. निफ्टी मिडकैप 100 में 1.5% और स्मॉलकैप 100 में 1.3% की तेजी आई. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ईरान-अमेरिका ceasefire की खबर पक्की हुई और आरबीआई पॉलिसी भी सपोर्टिव रही तो रैली आगे बढ़ सकती है. हालांकि भू-राजनीतिक जोखिम अभी भी मौजूद है. निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए.
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना और विश्लेषण के उद्देश्य से तैयार किया गया है. इसमें दी गई कोई भी जानकारी निवेश सलाह नहीं है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमपूर्ण है. कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें.

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