संजय राउत का सनसनीखेज दावा, राम मंदिर के चढ़ावे के पैसों से तोड़ी गई पार्टियां
राम मंदिर दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मंदिर के 2000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल सांसदों को खरीदने और राजनीतिक दलों में टूट कराने के लिए किया गया।

Sanjay Raut: राम मंदिर दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है. शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इस मामले को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि मंदिर के नाम पर एकत्र हुए करोड़ों रुपये का दुरुपयोग किया गया और इसी धन का इस्तेमाल राजनीतिक दलों में टूट कराने तथा सांसदों को खरीदने के लिए किया गया. राउत ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के करीब 2000 करोड़ रुपये राजनीति में लगाए गए, जिनका उपयोग शिवसेना (यूबीटी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों को तोड़ने में हुआ. इसके अलावा उन्होंने अयोध्या राम मंदिर निर्माण के दौरान उद्धव ठाकरे की ओर से दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट के गायब होने का भी सवाल उठाया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.
राम मंदिर के पैसों से सांसद खरीदने का आरोप
संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे और दान की राशि का दुरुपयोग किया गया. उनका कहना है कि मंदिर के करीब 2000 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी हुई और इसी पैसे का इस्तेमाल राजनीतिक दलों में टूट कराने के लिए किया गया. राउत ने दावा किया कि हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हुए छह सांसदों को 50-50 करोड़ रुपये दिए गए और यह रकम मंदिर के कथित तौर पर गबन किए गए पैसों से आई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों को भी इसी धन के जरिए प्रभावित किया गया. राउत ने कहा कि मामले के मुख्य आरोपी अभी भी ट्रस्ट से जुड़े हुए हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके. हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
चांदी की ईंट और दलबदल को लेकर भी उठाए सवाल
राम मंदिर दान विवाद के बीच संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक और दावा करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के लिए उद्धव ठाकरे ने एक करोड़ रुपये के साथ चार किलो वजन की चांदी की ईंट भी दान की थी, लेकिन आज तक उसकी कोई आधिकारिक रसीद या जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई. उन्होंने सवाल उठाया कि वह ईंट आखिर कहां गई और इसकी जांच क्यों नहीं हो रही है. राउत के ये आरोप ऐसे समय में आए हैं जब हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए, जिससे उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा राजनीतिक झटका लगा. दूसरी ओर, अयोध्या राम मंदिर दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में एसआईटी जांच के बाद आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इसी घटनाक्रम के बाद राउत ने ट्रस्ट और राजनीतिक घटनाओं को जोड़ते हुए अपने आरोप सार्वजनिक किए हैं.

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