NATO बैठक से पहले यूक्रेन पर रूस का बड़ा हमला, 68 मिसाइलें और 351 ड्रोन दागे, कई लोगों की मौत
रूस ने NATO शिखर सम्मेलन से पहले यूक्रेन पर 68 मिसाइलों और 351 ड्रोन से बड़ा हमला किया. राजधानी कीव समेत कई शहरों में रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, कई लोगों की मौत और दर्जनों घायल हुए. हमले के बाद यूक्रेन ने पश्चिमी देशों से अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल सिस्टम की मांग तेज कर दी है.

नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया. यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, रूस ने राजधानी कीव समेत कई इलाकों को निशाना बनाते हुए 68 मिसाइलें और 351 ड्रोन दागे. इस हमले में कई रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, आग लग गई और कम से कम 14 लोगों की मौत तथा 46 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. यूक्रेन का कहना है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश ड्रोन और कई मिसाइलों को नष्ट कर दिया, लेकिन बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों को रोकना संभव नहीं हो सका. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब तुर्की में NATO नेताओं की अहम बैठक होने वाली है और राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पश्चिमी देशों से अतिरिक्त सैन्य सहायता की मांग करने की तैयारी में हैं.
रिहायशी इलाकों पर हमले से मची तबाही
रूस के ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमलों से यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों में भारी तबाही हुई. स्थानीय प्रशासन के अनुसार, कई अपार्टमेंट इमारतों, गोदामों और अन्य भवनों को गंभीर नुकसान पहुंचा है. कई जगह आग लग गई, जबकि कुछ इमारतें आंशिक रूप से ढह गईं. बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं. यूक्रेन के अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है और 46 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं. शहर के विभिन्न हिस्सों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रभावित इलाकों में आपातकालीन सेवाएं तैनात हैं.
यूक्रेन ने मांगी और पैट्रियट मिसाइलें
यूक्रेन की वायु सेना का दावा है कि रूस ने 23 बैलिस्टिक मिसाइलों सहित कुल 68 मिसाइलें और 351 ड्रोन लॉन्च किए. इनमें से 37 मिसाइलों और 326 ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने नष्ट या निष्क्रिय कर दिया, लेकिन बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों को रोकने में सफलता नहीं मिली. राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यह हमला दर्शाता है कि यूक्रेन को अतिरिक्त पैट्रियट इंटरसेप्टर सिस्टम की तत्काल आवश्यकता है. उनके अनुसार, बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ फिलहाल यही सबसे प्रभावी रक्षा प्रणाली है और NATO बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा.
रूस ने क्या कहा?
रूस के रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि करते हुए दावा किया कि उसकी सेना ने लंबी दूरी की सटीक मिसाइलों और ड्रोन से यूक्रेन के सैन्य एवं रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया. मंत्रालय के अनुसार, हमले में हथियार निर्माण इकाइयों, ड्रोन उत्पादन केंद्रों, एयर डिफेंस मरम्मत सुविधाओं और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को लक्ष्य बनाया गया. हालांकि, रूस के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. वहीं यूक्रेन का कहना है कि कई मिसाइलें रिहायशी इलाकों में गिरीं, जिससे नागरिकों की जान गई और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ.
NATO बैठक से पहले बढ़ा तनाव
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब तुर्की में NATO नेताओं का शिखर सम्मेलन होने वाला है. माना जा रहा है कि सम्मेलन के दौरान यूक्रेन युद्ध, पश्चिमी सैन्य सहायता और रूस पर आगे की रणनीति प्रमुख मुद्दे होंगे. राष्ट्रपति जेलेंस्की सम्मेलन में सहयोगी देशों से और अधिक सैन्य समर्थन की अपील कर सकते हैं. इसी बीच हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई बातचीत के बाद युद्ध को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं. हालांकि, ताजा हमले ने यह संकेत दिया है कि जमीन पर संघर्ष फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा.

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