रोहिणी आचार्य ने एक्स अकाउंट किया प्रोटेक्ट, आखिर क्या छिपाना चाहती है लालू की बेटी?
Patna: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच लालू परिवार में मतभेद की खबरें लगातार सामने आ रही है. पहले तेज प्रताप यादव, फिर मीसा भारती और अब रोहिणी आचार्य के नाराजगी भरे हालिया बयानों ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं है. तेज प्रताप यादव के बाद रोहिणी आचार्य ने भी तेजस्वी यादव के क...


Patna:
बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच लालू परिवार में मतभेद की खबरें लगातार सामने आ रही है. पहले तेज प्रताप यादव, फिर मीसा भारती और अब रोहिणी आचार्य के नाराजगी भरे हालिया बयानों ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं है. तेज प्रताप यादव के बाद रोहिणी आचार्य ने भी तेजस्वी यादव के करीबी और राज्यसभा सांसद संजय यादव पर खुलकर निशाना साधा है. एक्स पर अपनी भड़ास निकाली है. पोस्ट में रोहिणी ने व्यक्तिगत और राजनीतिक मुद्दों को लेकर अपनी राय व्यक्त की थी. उनकी इस पोस्ट की वजह से परिवार और पार्टी के अंदर खींचतान की खबरें सामने आईं. इसी के बाद रोहिणी ने अपने एक्स अकाउंट को पब्लिक से प्रोटेक्ट कर दिया. यानी अब सिर्फ वही पोस्ट पब्लिक को दिखेंगे जो वह दिखाना चाहेंगी.
कुर्बानी का जज्बा!
वहीं नाराजगी के बीच रोहिणी ने एक वीडियो भी एक्स पर शेयर कर परिवार, पार्टी और आम लोगों को एक संदेश देने की कोशिश की है. यह उस वक्त का वीडियो है जब रोहिणी को अस्पताल में स्ट्रैचर पर ले जाया जा रहा था. 2022 में रोहिणी ने पिता लालू यादव को अपनी किडनी दी थी. इस वीडियो को पोस्ट कर उन्होंने लिखा है, “जो जान हथेली पर रखते हुए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने का जज्बा रखते हैं, बेखौफी - बेबाकी - खुद्दारी तो उनके लहू में बहती है.” सवाल उठ रहा है कि यह पोस्ट कर रोहिणी सहानुभूति बटोरना चाह रही हैं या परिवार और पिता को कई संदेश दे रही हैं.
संजय यादव पर जताई थी नाराजगी
शुक्रवार को रोहिणी ने एक्स में पोस्ट किया, "मैंने एक बेटी व बहन के तौर पर अपना कर्तव्य एवं धर्म निभाया है और आगे भी निभाती रहूंगी. मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, न मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है. मेरे लिए मेरा आत्मसम्मान सर्वोपरि है." इससे पहले रोहिणी ने संजय यादव का बिना नाम लिए लिखी गई एक पोस्ट भी शेयर किया था. दरअसल बिहार अधिकार यात्रा की एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें संजय यादव बस में उस जगह पर बैठे थे, जहां पर तेजस्वी यादव बैठते हैं. इसे लेकर नाराजगी जताते हुए रोहिणी ने लिखा था, “फ्रंट सीट सदैव शीर्ष के नेता- नेतृत्वकर्त्ता के लिए चिन्हित होती है और उनकी अनुपस्थिति में भी किसी को उस सीट पर नहीं बैठना चाहिए. वैसे अगर कोई अपने आप को शीर्ष नेतृत्व से भी ऊपर समझ रहा है, तो अलग बात है !!” एक्स को प्रोटेक्ट करने के बाद रोहिणी के प्रोफाइल में दूसरा पोस्ट नजर नहीं आ रहा है, जबकि आत्मसम्मान सर्वोपरी वाला पोस्ट उन्होंने पिन किया है और यह पोस्ट प्रोफाइल पर मौजूद है.
ये हो सकती है एक्स अकाउंट प्रोटेक्ट करने की वजह
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि रोहिणी के एक्स अकाउंट को प्रोटेक्ट करने के इस कदम के पीछे दो मुख्य वजहें हो सकती हैं. पहली, यह कि उन्होंने अपनी निजी राय को लेकर संभावित आलोचना से बचने के लिए अकाउंट प्राइवेट किया. दूसरी, यह कि परिवार और पार्टी के नेताओं के बीच किसी भी तरह के विवाद को बढ़ने से रोकना. वहीं कुछ लोग इसे समझदारी भरा कदम बता रहे हैं, तो कुछ इसे विवाद को छुपाने की कोशिश मान रहे हैं. फिलहाल रोहिणी ने अभी तक इस विवाद पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है. उनके अकाउंट को प्राइवेट करने के बाद यह साफ है कि वे फिलहाल अपने निजी और राजनीतिक जीवन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं.

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