RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला: पाकिस्तान और दुबई कनेक्शन की जांच तेज, लोहरदगा के युवक का नाम आया सामने
“रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों को पूछताछ के दौरान ऐसी जानकारियां मिली हैं, जिनसे इस मामले में पाकिस्तान और दुबई में बैठे कथित हैंडलर्स की भूमिका की आशंका जताई जा रही है”

रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों को पूछताछ के दौरान ऐसी जानकारियां मिली हैं, जिनसे इस मामले में पाकिस्तान और दुबई में बैठे कथित हैंडलर्स की भूमिका की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे सक्रिय लोगों की पहचान करने में जुटी है।
पूछताछ में सामने आया नया दावा
पुलिस हिरासत में मौजूद लोहरदगा निवासी अमन अंसारी उर्फ गोलू ने पूछताछ में बताया है कि उसका मोबाइल नंबर लोहरदगा के ही अहमद अली ने पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स तक पहुंचाया था। अमन के मुताबिक, अहमद अली पहले से ही विदेश में मौजूद कुछ संदिग्ध लोगों के संपर्क में था और उसी ने उससे कहा था कि यदि उनका फोन आए तो बातचीत करना।
अमन ने यह भी दावा किया कि ईद के दौरान उसकी मुलाकात अहमद अली से हुई थी, जिसके कुछ दिनों बाद उसके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आने लगे। उसने बताया कि 5 जून को एक व्यक्ति ने खुद को आवेश राजपूत बताते हुए उससे संपर्क किया और आगे भी बातचीत जारी रखने को कहा।
कॉल डिटेल और नेटवर्क की जांच में जुटी ATS
जांच एजेंसियां अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अहमद अली की भूमिका केवल मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने तक सीमित थी या वह किसी अन्य गतिविधि में भी शामिल था।
इसके अलावा, अहमद अली, शाहबाज आलम उर्फ भट्टी और आवेश राजपूत के बीच संबंधों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इन लोगों के बीच किस तरह का संपर्क था और इनकी गतिविधियों का उद्देश्य क्या था।
17 जून को हुआ था RSS कार्यालय पर हमला
गौरतलब है कि 17 जून की रात रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित निवारणपुर में RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अमन अंसारी, सयाम सुजान और सैफ अंसारी को गिरफ्तार किया था।
तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच के शुरुआती चरण में पुलिस को कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिनके आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों के तार किसी संगठित नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक और अंतिम पुष्टि नहीं की गई है।
दुबई में साजिश रचे जाने की आशंका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह जानकारी सामने आई है कि हमले की योजना विदेश में तैयार की गई हो सकती है। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस घटना के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सक्रिय था।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। फिलहाल जांच एजेंसियां तकनीकी साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।



