45 साल में बीजेपी की कमान: नितिन नबीन बने सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष, मोदी बोले—अब मेरे बॉस हैं
भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है. 45 वर्षीय नितिन नबीन को मंगलवार को बीजेपी का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया. उन्होंने जेपी नड्डा की जगह ली है और पार्टी के इतिहास में सबसे कम उम्र में इस शीर्ष पद तक पहुंचने वाले नेता बन गए हैं.


New Delhi: भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है. 45 वर्षीय नितिन नबीन को मंगलवार को बीजेपी का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया. उन्होंने जेपी नड्डा की जगह ली है और पार्टी के इतिहास में सबसे कम उम्र में इस शीर्ष पद तक पहुंचने वाले नेता बन गए हैं. नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में हुए पदभार ग्रहण कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन को बधाई देते हुए कहा—“पार्टी के मामलों में अब नितिन जी मेरे बॉस हैं, मैं एक कार्यकर्ता हूं.” इस नियुक्ति को बीजेपी में पीढ़ीगत बदलाव, संगठनात्मक विस्तार और 2029 की राजनीति की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है. वहीं कांग्रेस ने इस चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए तंज भी कसा है. कुल मिलाकर, नितिन नबीन की ताजपोशी ने राष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.
सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष
नितिन नबीन की नियुक्ति को बीजेपी में नेतृत्व परिवर्तन के एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है. 45 साल की उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना उन्हें पार्टी के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्षों में शामिल करता है. इससे पहले यह जिम्मेदारी अपेक्षाकृत वरिष्ठ नेताओं को मिलती रही है. बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि नितिन नबीन में युवा ऊर्जा और प्रशासनिक अनुभव का संतुलन है. वे ऐसे नेता माने जाते हैं जिन्होंने छात्र राजनीति से लेकर संगठन और सरकार—तीनों स्तरों पर काम किया है. उनकी ताजपोशी यह भी दर्शाती है कि पार्टी अब आने वाले दशक की राजनीति के लिए युवा नेतृत्व को आगे बढ़ा रही है, खासकर उन राज्यों में जहां बीजेपी अभी विस्तार की कोशिश में है.
पीएम मोदी का बयान: “मैं कार्यकर्ता हूं, नितिन मेरे बॉस”
पदभार ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन चर्चा का केंद्र रहा. उन्होंने नितिन नबीन को “मिलेनियल लीडर” बताते हुए कहा कि यह वह पीढ़ी है जिसने रेडियो से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक का दौर देखा है. मोदी ने कहा, “पार्टी के विषयों में नितिन जी मेरे बॉस हैं, और मैं एक कार्यकर्ता की तरह जवाबदेह हूं.” उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी में पद से ज्यादा प्रक्रिया और विचारधारा अहम है. अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन दिशा नहीं बदलती. मोदी के इस बयान को संगठन में अनुशासन, विनम्रता और कार्यकर्ता संस्कृति को मजबूत करने वाले संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.
कांग्रेस का तंज और राजनीतिक प्रतिक्रिया
नितिन नबीन की नियुक्ति पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि बीजेपी में अध्यक्ष की घोषणा पहले हो जाती है और चुनाव बाद में—वह भी बिना वास्तविक प्रक्रिया के. उन्होंने यह भी तंज कसा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त की इस चयन में कोई भूमिका ही नहीं रही. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी “बिग बॉस” की तरह राजनीति चला रही है. हालांकि बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह चयन पूरी तरह संगठनात्मक सहमति और पार्टी संविधान के तहत हुआ है, और कांग्रेस की प्रतिक्रिया उसकी राजनीतिक बेचैनी को दर्शाती है.
पटना से हुई शुरुआती शिक्षा
नितिन नबीन की शुरुआती शिक्षा पटना से हुई. उन्होंने सेंट माइकल हाई स्कूल, पटना से 1996 में CBSE बोर्ड से 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की. इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली के सीएसकेएम पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की. शिक्षा के दौरान ही उनका झुकाव सार्वजनिक जीवन और संगठनात्मक गतिविधियों की ओर बढ़ने लगा था. पटना में पढ़ाई के दौरान नितिन नबीन का संपर्क छात्र राजनीति और सामाजिक गतिविधियों से हुआ, जिसने आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की दिशा तय की. यही कारण है कि आज भी वे खुद को “पटना की राजनीतिक संस्कृति” से गहराई से जुड़ा हुआ बताते हैं.
विरासत में मिली राजनीति, कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारी
नितिन नबीन के पिता स्वर्गीय नबीन किशोर सिन्हा बिहार सरकार में मंत्री रह चुके थे. पिता की असमय मृत्यु के बाद नितिन नबीन ने कम उम्र में ही सक्रिय राजनीति में कदम रखा. 2006 में उन्होंने पहली बार विधानसभा उपचुनाव जीतकर बिहार विधानसभा में प्रवेश किया. इसके बाद 2010, 2015, 2020 और 2025 में वे लगातार बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए. उन्होंने बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में सड़क निर्माण, शहरी विकास, आवास और कानून जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली, जिससे उन्हें प्रशासनिक अनुभव मिला.
संपत्ति, नेटवर्थ और पारिवारिक प्रोफाइल
चुनावी हलफनामों के अनुसार नितिन नबीन की कुल संपत्ति करीब 3.06 करोड़ रुपये है, जबकि उन पर लगभग 56 लाख रुपये की देनदारी दर्ज है. उनके पास स्कॉर्पियो और इनोवा क्रिस्टा जैसी गाड़ियां हैं और परिवार के पास सोने-चांदी की ज्वेलरी भी है. उनकी पत्नी एक निजी कंपनी की डायरेक्टर हैं और उन्होंने म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया हुआ है. हालांकि नितिन नबीन के नाम पर बड़ी अचल संपत्ति नहीं है, लेकिन उनकी पत्नी के नाम पर कृषि भूमि और पटना में आवासीय संपत्ति दर्ज है.
रांची में जन्म, नवादा से पैतृक जुड़ाव
नितिन नबीन का जन्म 23 मई 1980 को रांची में हुआ था, लेकिन उनका पैतृक गांव बिहार के नवादा जिले के रजौली प्रखंड अंतर्गत अमावां गांव है. उनके दादा पटना में बस गए थे, जिसके बाद परिवार की राजनीतिक गतिविधियां बिहार की राजधानी से जुड़ गईं. हालांकि वे लंबे समय से पटना में रह रहे हैं, लेकिन आज भी उनका पैतृक गांव से भावनात्मक जुड़ाव बना हुआ है. राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की खबर के बाद अमावां गांव में जश्न का माहौल है और स्थानीय लोग इसे अपने क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण मान रहे हैं.
संगठन से सत्ता तक
नितिन नबीन की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी सिर्फ एक पद परिवर्तन नहीं, बल्कि बीजेपी की रणनीतिक दिशा का संकेत है. युवा नेतृत्व, संगठनात्मक विस्तार और नए राज्यों में राजनीतिक जमीन मजबूत करना—इन सभी लक्ष्यों के साथ नितिन नबीन की भूमिका अहम मानी जा रही है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि वे पार्टी को किस तरह आगे ले जाते हैं और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की अगली राजनीतिक रणनीति को कैसे आकार देते हैं.

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