पवन खेड़ा केस में नया मोड़, HC के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
“कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा से जुड़ा मामला इन दिनों राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. गुवाहाटी हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद कांग्रेस पार्टी खुलकर उनके समर्थन में उतर आई है. ”

Pawan Khera News: कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा से जुड़ा मामला इन दिनों राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. गुवाहाटी हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद कांग्रेस पार्टी खुलकर उनके समर्थन में उतर आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने साफ किया है कि कांग्रेस इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी. यह मामला सिर्फ एक नेता की कानूनी लड़ाई नहीं बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और न्यायिक प्रक्रिया का भी अहम उदाहरण बन गया है. कांग्रेस का कहना है कि यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है, जबकि दूसरी ओर शिकायतकर्ता ने आरोपों को गंभीर बताते हुए कानूनी कार्रवाई जारी रखी है. आने वाले दिनों में इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है.
सुप्रीम कोर्ट में चुनौती की तैयारी
गुवाहाटी हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद कांग्रेस ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है. जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि पार्टी पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय की लड़ाई जारी रहेगी. कांग्रेस का मानना है कि यह मामला राजनीतिक दबाव और उत्पीड़न का हिस्सा है. पार्टी को भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिलेगी. इससे पहले तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली ट्रांजिट जमानत पर भी सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी, जिससे खेड़ा की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं.
आरोप और कानूनी पेंच
पवन खेड़ा के खिलाफ यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिंकी भुइंया सरमा की शिकायत पर दर्ज हुआ है. आरोप है कि खेड़ा ने उन पर तीन विदेशी पासपोर्ट रखने का झूठा आरोप लगाया. इस आधार पर उनके खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया. रिंकी भुइंया ने इन आरोपों को पूरी तरह फर्जी बताया है. पुलिस इस मामले में खेड़ा की तलाश कर रही है, जबकि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अदालतों का रुख कर रहे हैं.




