झारखंड में मानसून हुआ सक्रिय, 2 जुलाई तक भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक कई जिलों में हल्की से भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन आकाशीय बिजली को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

Jharkhand Weather Update: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने लगा है, जिससे राज्य के अधिकांश जिलों में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 2 जुलाई तक कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है. लगातार बारिश से जहां भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं भारी बारिश और आकाशीय बिजली लोगों के लिए खतरा भी बन सकती है. पिछले दो दिनों में राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात से पांच लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसे में प्रशासन और मौसम विभाग दोनों ने लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.
2 जुलाई तक कई जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 30 जून से 2 जुलाई तक झारखंड के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी. इस दौरान कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और वज्रपात की घटनाएं भी होने की आशंका है. विभाग का कहना है कि 29 और 30 जून को पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जैसे जिलों में मौसम अधिक सक्रिय रहेगा. वहीं 30 जून और 1 जुलाई को कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, रांची, बोकारो, खूंटी, रामगढ़, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के कुछ हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके.
बारिश से तापमान में आएगी गिरावट, गर्मी से मिलेगी राहत
लगातार सक्रिय हो रहे मानसून का असर झारखंड के तापमान पर भी देखने को मिलेगा. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले कुछ दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. इससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को काफी राहत मिलने की संभावना है. रविवार को राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई. देवघर के सिकटिया क्षेत्र में सबसे अधिक 54 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि राजधानी रांची में हल्की बारिश हुई. इसके बावजूद डालटनगंज 40.7 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तापमान में और कमी आएगी तथा मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा.
वज्रपात बना जानलेवा, पांच लोगों की गई जान
मानसून की बारिश के साथ आकाशीय बिजली का खतरा भी बढ़ गया है. पिछले दो दिनों में झारखंड के विभिन्न जिलों में वज्रपात की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई. लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और गढ़वा जिलों में बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली गई, जबकि कैरो थाना क्षेत्र में ढाई वर्षीय एक मासूम बच्ची की भी मौत हो गई. इन घटनाओं के बाद मौसम विभाग ने किसानों, ग्रामीणों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. विभाग ने कहा है कि गरज-चमक के दौरान खेतों, खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें. यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो तुरंत किसी सुरक्षित भवन या पक्के आश्रय में चले जाएं. सतर्कता ही वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है.

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