734 करोड़ के फर्जी ITC मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, जमशेदपुर के कारोबारी और बेटे गिरफ्तार
जमशेदपुर में 734 करोड़ रुपये के कथित फर्जी ITC घोटाले में ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार किया है. जांच 135 शेल कंपनियों के कथित नेटवर्क और फर्जी चालानों से जुड़े मामले की है.

Jamshedpur :- जमशेदपुर में कथित 734 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि दोनों को हिरासत में लेने के बाद देर रात एमजीएम अस्पताल ले जाकर मेडिकल जांच कराई गई. इसके बाद ईडी की टीम उन्हें लेकर रांची रवाना हो गई. कार्रवाई के दौरान बिष्टुपुर स्थित कारोबारी के आवास और कार्यालय समेत कई ठिकानों की तलाशी ली गई. जांच में कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई. मामला कथित तौर पर 135 शेल कंपनियों के नेटवर्क से जुड़ा है, जिनके माध्यम से फर्जी चालान जारी कर करोड़ों रुपये के ITC का लाभ लेने का आरोप है. इस मामले की शुरुआती जांच जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (DGGI) ने की थी.
बिष्टुपुर में कई ठिकानों पर छापेमारी
ईडी की कार्रवाई जमशेदपुर के बिष्टुपुर इलाके में केंद्रित रही. ज्योति अपार्टमेंट स्थित ज्ञानचंद जायसवाल के आवास और कार्यालय की तलाशी ली गई. इसके अलावा एन रोड स्थित बीएस टावर में कारोबारी के फ्लैट और उनके अकाउंटेंट के ठिकाने पर भी जांच की गई. कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ईडी अधिकारी और सुरक्षा बल के जवान मौजूद रहे.
कंप्यूटर और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने दस्तावेजों के साथ कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की. सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को मामले से संबंधित कुछ अहम दस्तावेज मिलने की जानकारी है. हालांकि, बरामद सामग्री का आधिकारिक विस्तृत ब्योरा फिलहाल सामने नहीं आया है.
देवघर और कोलकाता में भी कार्रवाई
ईडी की जांच का दायरा जमशेदपुर तक सीमित नहीं रहा. एजेंसी ने देवघर में भी संबंधित कारोबारी के आवास और कार्यालय पर तलाशी ली. वहीं कोलकाता के दो ठिकानों पर भी कार्रवाई किए जाने की जानकारी है. कई शहरों में एक साथ हुई इस कार्रवाई को मामले की आगे की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है.
समन के बाद कार्रवाई तेज
जांच एजेंसी के मुताबिक, ज्ञानचंद जायसवाल और अन्य संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए समन भेजे गए थे. एजेंसी का दावा है कि पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं होने के बाद तलाशी की कार्रवाई की गई. दूसरी ओर, बबलू जायसवाल ने खुद को मामले में फंसाए जाने का आरोप लगाया है. अस्पताल में उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का भी दावा किया.
135 शेल कंपनियों से जुड़ा बताया जा रहा मामला
पूरी जांच कथित तौर पर 135 शेल कंपनियों के नेटवर्क से जुड़ी है. आरोप है कि इन कंपनियों के जरिए करीब 500 करोड़ रुपये के फर्जी चालान बनाए गए और उनके आधार पर लगभग 734 करोड़ रुपये का ITC हासिल किया गया. मामले की शुरुआती जांच DGGI, जमशेदपुर ने की थी, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने जांच आगे बढ़ाई. इससे पहले भी ईडी की कार्रवाई में नकदी और बैंक खातों में मौजूद रकम जब्त या फ्रीज किए जाने की जानकारी सामने आ चुकी है.




