झारखंड कांग्रेस का बड़ा फैसला: योगेंद्र साव की पार्टी में हुई वापसी
झारखंड कांग्रेस ने पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक योगेंद्र साव का निष्कासन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर जारी आदेश के बाद उनकी पार्टी में विधिवत वापसी हो गई है। कांग्रेस ने इसे संगठन को मजबूत करने और पुराने नेताओं को साथ लेकर चलने की रणनीति बताया है।

Ranchi: झारखंड की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तहत कांग्रेस ने पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक योगेंद्र साव का निष्कासन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए उनकी पार्टी में विधिवत वापसी की घोषणा की है. यह फैसला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देश पर लिया गया. पार्टी का कहना है कि संगठन को मजबूत करने के लिए समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना उसकी प्राथमिकता है. कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि योगेंद्र साव पहले की तरह पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों के अनुरूप संगठन को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे. राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को कांग्रेस की संगठनात्मक एकजुटता और पुराने नेताओं को फिर से साथ जोड़ने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि इससे पार्टी को खासकर जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
मार्च में हुआ था निष्कासन, अब हुई वापसी
योगेंद्र साव को इसी वर्ष मार्च में अनुशासनहीनता के आरोप में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने तीन वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया था. उस समय उनके खिलाफ बिना शो-कॉज नोटिस कार्रवाई किए जाने को लेकर भी सवाल उठे थे. अब प्रदेश कांग्रेस ने उनके निष्कासन को तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए पार्टी में उनकी वापसी का रास्ता साफ कर दिया है. पार्टी नेतृत्व का कहना है कि संगठन को मजबूत करने के लिए सभी समर्पित नेताओं को साथ लेकर आगे बढ़ना जरूरी है.
निष्कासन के बाद कांग्रेस पर साधा था निशाना
निष्कासन के बाद योगेंद्र साव ने कांग्रेस नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि विस्थापन की लड़ाई के दौरान पार्टी के नेता उनके साथ नहीं खड़े हुए और बिना कारण बताए उन्हें निष्कासित कर दिया गया, जबकि उन्होंने कभी पार्टी विरोधी गतिविधि नहीं की. साव ने यह भी आरोप लगाया था कि राज्य कांग्रेस के कुछ नेता संगठन को मजबूत नहीं होने देना चाहते और सरकार की चाटुकारिता में लगे रहते हैं. उन्होंने खुद को 1984 से कांग्रेस का समर्पित कार्यकर्ता बताते हुए कहा था कि वे राजीव गांधी की विचारधारा से जुड़े हैं और आज भी राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी को अपना आदर्श मानते हैं.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

रांची के सभी स्कूल 27 जून को रहेंगे बंद, मोहर्रम जुलूस को लेकर जिला प्रशासन का बड़ा फैसला





Leave a comment