LPG Price Hike के बीच बड़ा फैसला, उज्ज्वला लाभार्थियों को अब मिलेंगे सिर्फ 4 रियायती सिलेंडर
देशभर में रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को एक और झटका लगा है. केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले रियायती एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती कर दी है.

देशभर में रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को एक और झटका लगा है. केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले रियायती एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती कर दी है. अब लाभार्थियों को साल भर में पहले की तुलना में कम सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलेंगे. हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब महंगाई पहले से ही आम लोगों की जेब पर असर डाल रही है. सरकार का कहना है कि यह बदलाव औसत घरेलू खपत को ध्यान में रखते हुए किया गया है. हालांकि, विपक्ष और उपभोक्ता संगठनों का मानना है कि इससे गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा. ऐसे में योजना के लाभार्थियों के लिए यह जानना जरूरी है कि अब उन्हें कितने रियायती सिलेंडर मिलेंगे और नई व्यवस्था का उन पर क्या असर पड़ेगा.
अब साल में सिर्फ चार रियायती सिलेंडर
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खनूजा के अनुसार, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलने वाले सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या घटाकर चार कर दी गई है. इससे पहले योजना के तहत नौ रियायती सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते थे. सरकार का तर्क है कि अधिकांश परिवारों की औसत खपत को देखते हुए यह संख्या पर्याप्त है. हालांकि, ग्रामीण और बड़े परिवारों के लिए यह निर्णय चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. बढ़ती गैस कीमतों के बीच रियायती सिलेंडरों की संख्या में कटौती का सीधा असर गरीब परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. सरकार का कहना है कि सब्सिडी व्यवस्था पूरी तरह समाप्त नहीं की गई है, बल्कि इसे जरूरत के अनुसार पुनर्गठित किया गया है ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके.
12 से 9 और अब 4 सिलेंडर तक पहुंचा कोटा
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में की गई थी. योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं को धुएं से मुक्त और सुरक्षित रसोई उपलब्ध कराना था. शुरुआत में लाभार्थियों को पूरे साल में 12 रियायती एलपीजी सिलेंडर दिए जाते थे. बाद में इस संख्या को घटाकर 9 कर दिया गया और अब इसे चार तक सीमित कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि योजना का मूल उद्देश्य स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है और यह लक्ष्य अब भी जारी रहेगा. हालांकि, लगातार घटते कोटे को लेकर लाभार्थियों के बीच चिंता बढ़ रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और सीमित सब्सिडी के कारण कई परिवार दोबारा पारंपरिक ईंधनों की ओर लौट सकते हैं, जिससे योजना के मूल उद्देश्य पर असर पड़ सकता है.
सब्सिडी सीधे खाते में होती है ट्रांसफर
उज्ज्वला योजना के तहत सरकार पात्र लाभार्थियों को गैस सिलेंडर पर सब्सिडी भी प्रदान करती है. मई 2022 में केंद्र सरकार ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर पर 200 रुपये की सब्सिडी शुरू की थी. इसके बाद वर्ष 2023 में इसे बढ़ाकर 300 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया गया. यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है. सरकार के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 से अब तक एलपीजी सब्सिडी के रूप में 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है. हालांकि, गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण उपभोक्ताओं का वास्तविक खर्च भी बढ़ा है. ऐसे में सब्सिडी मिलने के बावजूद कई परिवारों के लिए गैस रिफिल कराना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है.
गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी
हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगभग 29 रुपये की वृद्धि की गई है. इससे पहले मार्च महीने में भी 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी. पिछले तीन महीनों में कुल मिलाकर 89 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 942 रुपये तक पहुंच गई है. यदि 300 रुपये की सब्सिडी को घटा दिया जाए, तो उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक सिलेंडर के लिए लगभग 642 रुपये का भुगतान करना होगा. बढ़ती कीमतों और घटते रियायती कोटे के कारण गरीब परिवारों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एलपीजी की कीमतें और बढ़ीं तो इसका असर घरेलू खर्च और उपभोग दोनों पर देखने को मिल सकता है.
कौन उठा सकता है योजना का लाभ और कैसे करें आवेदन
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ केवल 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को दिया जाता है. गैस कनेक्शन महिला के नाम पर जारी किया जाता है और आवेदनकर्ता के घर में पहले से कोई एलपीजी कनेक्शन नहीं होना चाहिए. योजना के तहत लाभार्थी को 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर, रेगुलेटर, सेफ्टी होज पाइप, दो बर्नर वाला गैस चूल्हा और आवश्यक दस्तावेजों की एक पुस्तिका उपलब्ध कराई जाती है. योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक महिलाएं नजदीकी गैस एजेंसी में जाकर आवेदन कर सकती हैं या ऑनलाइन प्रक्रिया भी अपना सकती हैं. आवेदन के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, निवास प्रमाण पत्र और केवाईसी फॉर्म जमा करना आवश्यक होता है. पात्रता पूरी होने पर गैस कनेक्शन जारी कर दिया जाता है.

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