देवघर में न्याय और जनकल्याण का महाकुंभ, CJI सूर्यकांत ने राज्यस्तरीय विधिक सेवा शिविर का उद्घाटन किया
देवघर पहुंचे देश के मुख्य जस्टिस सूर्यकांत ने देवघर सिविल कोर्ट परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का उद्घाटन किया... झालसा के ऐतिहासिक आयोजन में सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीशों की मौजूदगी रही...

देवघर : न्याय को आम आदमी तक पहुंचाने और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुनिश्चित करने की दिशा में देवघर ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की... झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) की ओर से देवघर सिविल कोर्ट परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तिकरण शिविर का उद्घाटन भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत ने किया... राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) के मॉड्यूल के तहत आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में न्यायपालिका के कई वरिष्ठ न्यायाधीशों की मौजूदगी रही... शिविर के माध्यम से कानूनी सहायता, पीड़ितों को आर्थिक संबल और जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की पहल की गई... कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत शामिल हुए... वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एस. चंद्रशेखर और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह उपस्थित रहे... इसके अलावा झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस रोंगन मुखोपाध्याय की गरिमामयी उपस्थिति रही... न्यायपालिका के शीर्ष पदाधिकारियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया.
वर्चुअल माध्यम से दो जिलों में लीगल एड क्लिनिक का उद्घाटन
शिविर के दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने वर्चुअल माध्यम से पलामू और रांची जिलों में नए लीगल एड क्लिनिकों का औपचारिक उद्घाटन किया... इन केंद्रों के माध्यम से दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों को कानूनी सलाह और सहायता उपलब्ध कराने का रास्ता और सुगम होगा... इसका उद्देश्य आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर लोगों को भी न्यायिक प्रक्रिया से जोड़ना और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना है...
पीड़ितों को आर्थिक सहायता, बच्चों को मिला संबल
कार्यक्रम में विभिन्न आपराधिक मामलों और अन्य विपदाओं के पीड़ितों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से आर्थिक सहायता राशि के चेक वितरित किए गए... इसके साथ ही जरूरतमंद बच्चों और पात्र लाभुकों को प्रोजेक्ट 'शिश' के तहत आवश्यक सहायता सामग्री एवं कल्याणकारी लाभ प्रदान किए गए... इस पहल का उद्देश्य कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे लोगों को आर्थिक और सामाजिक रूप से संबल प्रदान करना है...
हजारों लाभुकों तक पहुंचा सरकारी योजनाओं का लाभ
शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से संचालित सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के तहत हजारों पात्र लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों और योजनाओं का सीधा लाभ वितरित किया गया... विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को लाभान्वित करने की पहल की गई... आयोजन का उद्देश्य केवल कानूनी सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि पात्र लोगों को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना भी रहा...
न्याय और सामाजिक सशक्तिकरण को मिली नई गति
झालसा की ओर से आयोजित इस राज्यस्तरीय शिविर ने विधिक सेवा और सामाजिक कल्याण को एक मंच पर लाने का प्रयास किया... कानूनी सहायता से लेकर पीड़ितों को मुआवजा, बच्चों के कल्याण और सरकारी योजनाओं के लाभ वितरण तक विभिन्न गतिविधियों के जरिए आम नागरिकों को राहत पहुंचाने पर जोर दिया गया... आयोजन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक उसकी पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए... खासकर आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कानूनी अधिकारों की जानकारी और सरकारी सहायता उपलब्ध कराना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य रहा... देवघर में आयोजित इस शिविर को झारखंड में विधिक जागरूकता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है.


