लोहरदगा: कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 13 वर्षीय छात्रा की मौत, वार्डन और प्रबंधन पर परिजनों ने उठाए सवाल
लोहरदगा के किस्को प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कक्षा सातवीं की 13 वर्षीय छात्रा सुनीता कुमारी की मौत हो गई.घटना के बाद परिजनों ने वार्डन और विद्यालय प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं.परिजनों ने छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद उठाए गए कदमों और चिकित्सा सुविधा की जांच की मांग की है.

लोहरदगा:- झारखंड के लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कक्षा सातवीं की 13 वर्षीय छात्रा सुनीता कुमारी की मौत हो गई. छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद हुई इस घटना से इलाके में शोक का माहौल है. घटना की जानकारी मिलने पर परिजन विद्यालय पहुंचे और छात्रा की मौत को लेकर विद्यालय की वार्डन और प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए. परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद उठाए गए कदमों की जानकारी सामने लाने की मांग की है.
अगरडीह गांव की रहने वाली थी छात्रा
मृतका सुनीता कुमारी लोहरदगा जिले के अगरडीह, रनगड़ा गांव की रहने वाली थी. वह किस्को प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रही थी. वह कक्षा सातवीं की छात्रा थी. छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई. घटना की खबर मिलने के बाद परिवार के लोग विद्यालय पहुंचे.
वार्डन और विद्यालय प्रबंधन पर लगाए आरोप
छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने विद्यालय की वार्डन और प्रबंधन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद विद्यालय स्तर पर क्या कदम उठाए गए, इसकी जांच होनी चाहिए. परिजनों ने यह भी सवाल उठाया है कि छात्रा को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई थी या नहीं.
छात्रा की मौत के कारणों की जांच जरूरी
इस घटना के बाद छात्रा की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर मौत की वजह और किसी भी तरह की संभावित लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद क्या कार्रवाई की गई थी.
आवासीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और देखभाल की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होती है. छात्रा की मौत की घटना ने आवासीय विद्यालयों में बच्चों की देखभाल और आपात स्थिति में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं.
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल, छात्रा की मौत के मामले में परिजनों के आरोपों और विद्यालय प्रबंधन की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है. मामले की जांच से ही पता चल सकेगा कि छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद क्या कदम उठाए गए और मौत की वास्तविक वजह क्या थी. अब संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर नजर है, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके और परिजनों को न्याय मिल सके.


