खूंटी मनरेगा घोटाला: पल्स अस्पताल की डिस्चार्ज पिटीशन पर ED की बहस पूरी, PMLA कोर्ट में अगली सुनवाई अहम
खूंटी मनरेगा घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मंगलवार को PMLA की विशेष अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. यह सुनवाई निलंबित IAS अधिकारी पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा के बरियातू स्थित पल्स अस्पताल की ओर से दायर डिस्चार्ज पिटीशन पर हुई.

Ranchi: खूंटी मनरेगा घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मंगलवार को PMLA की विशेष अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. यह सुनवाई निलंबित IAS अधिकारी पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा के बरियातू स्थित पल्स अस्पताल की ओर से दायर डिस्चार्ज पिटीशन पर हुई. मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से अदालत में विस्तृत बहस पूरी कर ली गई है. सुनवाई के दौरान ED ने अपने पक्ष में विभिन्न तथ्यों और दस्तावेजों का हवाला देते हुए अस्पताल को मामले से मुक्त नहीं किए जाने की दलील दी. अदालत ने याचिकाकर्ता पक्ष को निर्देश दिया है कि वह ED की दलीलों पर अगली सुनवाई में अपना जवाब प्रस्तुत करे. पल्स अस्पताल की ओर से यह डिस्चार्ज पिटीशन 21 मई को दाखिल की गई थी. अब इस मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे केस की आगे की दिशा तय हो सकती है.
मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी है पल्स संजीवनी हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड
प्रवर्तन निदेशालय ने खूंटी मनरेगा घोटाला मामले की जांच के दौरान कई लोगों और संस्थाओं को आरोपी बनाया है. इनमें निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल, उनके पति अभिषेक झा और पल्स संजीवनी हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड का नाम भी शामिल है. जांच एजेंसी का आरोप है कि मनरेगा घोटाले से अर्जित कथित अवैध धनराशि का निवेश अस्पताल और उससे जुड़ी संस्थाओं में किया गया. इसी आधार पर कंपनी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी बनाया गया है. ED का दावा है कि वित्तीय लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की जांच के दौरान ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं जो कथित रूप से अवैध धन के उपयोग की ओर संकेत करते हैं. हालांकि आरोपियों की ओर से इन आरोपों को लगातार चुनौती दी जाती रही है और मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है.
ED ने अस्पताल की संपत्तियों को किया है अटैच
जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने पल्स अस्पताल से जुड़ी संपत्तियों को अटैच भी किया था. एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग से अर्जित संपत्तियों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से की गई थी. मामले में कई आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. पूजा सिंघल और उनके पति अभिषेक झा समेत अन्य आरोपियों पर आरोप गठन की कार्रवाई भी हो चुकी है. वहीं पल्स अस्पताल की ओर से दायर डिस्चार्ज पिटीशन के जरिए यह मांग की गई है कि संस्थान को मामले से अलग किया जाए. अदालत में चल रही सुनवाई इसी याचिका से संबंधित है. आने वाले दिनों में अदालत के समक्ष दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद इस पर महत्वपूर्ण फैसला सामने आ सकता है.
अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर की जब्ती पर लग चुकी है मुहर
उल्लेखनीय है कि खूंटी मनरेगा घोटाले की जांच के दौरान ED द्वारा अटैच की गई संपत्तियों को लेकर पहले भी महत्वपूर्ण कार्रवाई हो चुकी है. निलंबित आईएएस पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा से जुड़े बरियातू रोड स्थित पल्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और पल्स डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर को स्थायी रूप से जब्त करने के निर्णय पर एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने अपनी मुहर लगा दी थी. इस फैसले के बाद संबंधित संपत्तियों की कानूनी स्थिति और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है. ED का मानना है कि ये संपत्तियां कथित रूप से अवैध धन के निवेश से जुड़ी हैं, जबकि बचाव पक्ष अदालत में अपनी दलीलें पेश कर रहा है. फिलहाल पूरा मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और अदालत के आगामी आदेशों का इंतजार किया जा रहा है.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.




Leave a comment