10 साल बाद JTET की परीक्षा, 24 जिलों में बने केंद्र; धनबाद में 108 तो रांची में 101 सेंटर
करीब 10 साल बाद झारखंड में JTET परीक्षा आयोजित हुई. राज्य के 24 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए. धनबाद में 108 और रांची में 101 केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा हुई. अभ्यर्थियों ने हर साल परीक्षा कराने की मांग की.

Ranchi :- झारखंड में करीब एक दशक के लंबे इंतजार के बाद झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) का आयोजन किया जा रहा है. इस परीक्षा में कुल 5,65,048 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं. राज्य के सभी 24 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जा रही है. पहली पाली में प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 5 तक के लिए अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं, जबकि दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 6 से 8 तक के अभ्यर्थियों की परीक्षा हो रही है. राजधानी रांची में परीक्षा के लिए कुल 101 केंद्र बनाए गए हैं, जबकि धनबाद में सबसे अधिक 108 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जा रही है. झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे हैं. लंबे समय बाद JTET आयोजित होने को लेकर अभ्यर्थियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को लेकर संतोष जताया. उनका कहना है कि सवाल अच्छे थे और परीक्षा पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई. अभ्यर्थियों ने प्रशासनिक व्यवस्था की भी सराहना की. उनके मुताबिक, परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पेपर लीक जैसी किसी गड़बड़ी की आशंका नहीं रही.
हर साल JTET कराने की मांग
परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने सरकार से JTET का आयोजन नियमित रूप से हर साल कराने की मांग की. उनका कहना है कि करीब 10 साल बाद परीक्षा आयोजित होने से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा. अगर परीक्षा हर साल आयोजित होती है, तो योग्य अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया में शामिल होने के अधिक अवसर मिलेंगे. अभ्यर्थियों को अब परीक्षा परिणाम का इंतजार है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और संबंधित विभाग जल्द से जल्द रिजल्ट जारी करेंगे, ताकि आगे की प्रक्रिया शुरू हो सके. करीब एक दशक बाद आयोजित JTET से झारखंड में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं को नई उम्मीद मिली है. अब अभ्यर्थियों की नजर परीक्षा परिणाम और आगे होने वाली शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पर टिकी है.

