JPSC परीक्षा घोटाला: अमर बाउरी ने मांगी CBI जांच, हेमंत सरकार पर साधा निशाना
“JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा नेता अमर बाउरी ने हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने पूरे मामले की CBI जांच कराने, विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट से सजा देने की मांग की.”

Ranchi: झारखंड में JPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासत तेज हो गई है. भाजपा ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है. पूर्व मंत्री अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जानी चाहिए. अमर बाउरी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी की.
JPSC मामले में CBI जांच की मांग, अमर बाउरी ने सरकार को घेरा
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पूर्व मंत्री अमर बाउरी ने कहा कि झारखंड में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि जिस तरह संसद से एंटी पेपर लीक कानून पारित किया गया है और केंद्र सरकार युवाओं से जुड़े मामलों में कार्रवाई कर रही है, उसी तरह झारखंड में भी निष्पक्ष जांच की जरूरत है. अमर बाउरी ने मांग की कि JPSC समेत सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की जांच CBI से कराई जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केवल जांच का दिखावा कर रही है और दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. भाजपा नेता ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती.
‘JPSC मामले में भी CGL की तरह हो रही खानापूर्ति’
अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि JPSC मामले में भी JSSC-CGL विवाद की तरह केवल औपचारिक कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार छात्रों और अभ्यर्थियों के मुद्दे को उठा रही है और आंदोलन कर रहे युवाओं के साथ खड़ी है. भाजपा नेता ने दावा किया कि 22 जुलाई को प्रस्तावित JPSC घेराव कार्यक्रम की घोषणा के बाद ही CID की कार्रवाई तेज हुई. उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी की जरूरत है. अमर बाउरी ने यह भी मांग की कि जिन परीक्षाओं पर सवाल उठे हैं, उन्हें रद्द कर दोबारा पारदर्शी तरीके से कराया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर जल्द से जल्द सजा देने की मांग की.
मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग, कांग्रेस पर भी साधा निशाना
अमर बाउरी ने JPSC विवाद को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि राज्य का शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी भी उनकी बनती है. भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जिस तरह अन्य मामलों में नैतिक जिम्मेदारी तय की जाती है, उसी आधार पर झारखंड में भी जवाबदेही होनी चाहिए. उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने NEET मामले में आवाज उठाई, लेकिन झारखंड के JPSC विवाद पर चुप्पी साध रखी है. अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि विपक्ष के बड़े नेताओं ने भी इस मुद्दे पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी. उन्होंने कहा कि झारखंड के युवा अब अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं और भाजपा उनके साथ खड़ी रहेगी.


