झारखंड में नशे वाली दवाओं के अवैध कारोबार पर लगेगी लगाम, AI पोर्टल से दवा की खरीद-बिक्री पर रहेगी नजर
झारखंड में नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए AI आधारित पोर्टल तैयार किया गया है. दवा की असामान्य खरीद-बिक्री पर तत्काल अलर्ट मिलेगा और आम लोग भी अवैध कारोबार की शिकायत दर्ज करा सकेंगे.

Ranchi:- झारखंड में नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार नई तकनीक का सहारा लेने जा रही है. अब दवा निर्माता से लेकर मेडिकल स्टोर और मरीज तक दवाओं की खरीद-बिक्री पर एआई आधारित पोर्टल के जरिए निगरानी रखी जाएगी. किसी दवा की असामान्य रूप से बड़ी मात्रा में खरीदारी या बिक्री होने पर सिस्टम तत्काल अलर्ट जारी करेगा. इससे संदिग्ध कारोबार की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी. राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), झारखंड और राज्य के औषधि नियंत्रण विभाग ने मिलकर इस विशेष पोर्टल को तैयार किया है. इसका निर्माण पूरा हो चुका है और जल्द ही इसका शुभारंभ किया जाएगा. विभाग के अनुसार, देश में विशेष रूप से दवाओं के दुरुपयोग की निगरानी के लिए तैयार किया गया यह अपनी तरह का पहला पोर्टल है.
दवा की खरीद-बिक्री पर रहेगी पूरी नजर
इस पोर्टल के जरिए यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन-सी दवा कितनी मात्रा में, किस निर्माता या विक्रेता से किस मेडिकल दुकान को बेची गई है. इसी तरह किस दुकान ने कितनी दवा खरीदी, इसकी जानकारी भी सिस्टम में उपलब्ध रहेगी. यानी दवाओं की सप्लाई चेन पर वास्तविक समय में नजर रखी जा सकेगी. अगर किसी मेडिकल स्टोर की ओर से किसी विशेष दवा की असामान्य रूप से अधिक खरीद या बिक्री की जाती है, तो पोर्टल तत्काल अलर्ट देगा. इसके बाद औषधि नियंत्रण विभाग संबंधित दुकान और दवा के कारोबार की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कर सकेगा.
अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक
पोर्टल की कार्यप्रणाली और उपयोगिता को लेकर स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई. बैठक में औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने पोर्टल की तकनीकी विशेषताओं और निगरानी व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी. इस दौरान बताया गया कि पोर्टल का निर्माण पूरा हो चुका है और इसे जल्द शुरू करने की तैयारी है. इसके लागू होने के बाद राज्य में नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं की खरीद-बिक्री पर निगरानी की व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हो सकेगी.
आम लोग भी कर सकेंगे शिकायत
इस पोर्टल की एक अहम सुविधा आम नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज करने का विकल्प है. किसी क्षेत्र में दवाओं का अवैध कारोबार चलने या दवाओं का नशे के रूप में दुरुपयोग होने की जानकारी मिलने पर लोग सीधे पोर्टल के माध्यम से शिकायत कर सकेंगे. शिकायत मिलने के बाद विभाग मामले की जांच कर कार्रवाई कर सकेगा. इससे दवाओं के अवैध कारोबार पर रोक लगाने में आम लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी.
दवाओं के नाम पर भ्रामक दावों पर भी होगी कार्रवाई
पोर्टल के जरिए सिर्फ दवाओं की खरीद-बिक्री ही नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और भ्रामक प्रचार पर भी नजर रखी जाएगी. यदि कोई व्यक्ति या संस्था किसी दवा के सेवन से गंभीर बीमारी ठीक होने का दावा करती है, तो ऐसे दावों की जांच की जा सकेगी. गलत या भ्रामक दावे पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
दूसरे राज्य भी कर सकेंगे पोर्टल का इस्तेमाल
इस पोर्टल को इस तरह विकसित किया गया है कि दूसरे राज्यों के औषधि नियंत्रण विभाग और संबंधित एजेंसियां भी इसका उपयोग कर सकेंगी. इससे दवाओं के अवैध कारोबार की निगरानी का दायरा बढ़ाने में मदद मिल सकती है. बैठक में निदेशक औषधि ऋतु सहाय, सहायक निदेशक प्रणब प्रभात, राम कुमार झा सहित औषधि नियंत्रण विभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के अधिकारी मौजूद रहे. पोर्टल शुरू होने के बाद झारखंड में दवाओं की आपूर्ति से लेकर बिक्री तक की गतिविधियों पर डिजिटल निगरानी संभव होगी. खास तौर पर नशे के लिए दवाओं के दुरुपयोग और संदिग्ध खरीद-बिक्री की पहचान करने में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.


