Jharkhand Weather: 2 दिन जमकर बरसेंगे बादल, 15 जिलों में वज्रपात का अलर्ट
झारखंड में अगले दो दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. रांची समेत कई जिलों में वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है.

Jharkhand Weather: झारखंड में अगले दो दिनों तक मौसम खराब रहने का अनुमान है. बंगाल की खाड़ी में बन रहे गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से 10 और 11 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. मौसम विज्ञान केंद्र ने कई जिलों में वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. 10 सितंबर को रांची समेत कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है. वहीं 11 सितंबर को गढ़वा, पलामू, लातेहार और चतरा में भारी बारिश का अनुमान है. बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है.
10 सितंबर को इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 10 सितंबर को झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की आशंका है. रांची, रामगढ़, खूंटी, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है. इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर राज्य के मौसम पर पड़ रहा है. वहीं अन्य जिलों में भी बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. लोगों को सलाह दी गई है कि बारिश और वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें. मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर रहना ज्यादा बेहतर होगा.
11 सितंबर को इन चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
11 सितंबर को झारखंड के चार जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की सबसे ज्यादा संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार गढ़वा, पलामू, लातेहार और चतरा में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं राजधानी रांची समेत राज्य के अन्य हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसम प्रणाली के कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. लोगों को वज्रपात के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. खेतों, खुले मैदानों और ऊंचे स्थानों पर मौजूद लोगों को मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित जगह जाने की सलाह है. प्रशासन और स्थानीय लोगों को भी मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने को कहा गया है.
बंगाल की खाड़ी में सिस्टम एक्टिव, झारखंड में बढ़ेगी बारिश
झारखंड में बारिश बढ़ने की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रही मौसम प्रणाली को बताया जा रहा है. मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जो करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. इसके प्रभाव से उत्तरी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इस सिस्टम के कारण झारखंड में मानसूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 10 और 11 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है. कुछ इलाकों में गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं. मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम में अचानक बदलाव के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.
बारिश के साथ 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा
झारखंड में बारिश के साथ तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. तेज हवा के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है. ऐसे मौसम में पेड़, बिजली के तार और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है. खासकर बारिश के दौरान खुले स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए. मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय प्रशासन और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने को कहा है. किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को भी विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. तेज हवाओं के दौरान बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे शरण लेना जोखिम भरा हो सकता है. मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर रहेगा.
झारखंड में 15 सितंबर तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में बारिश का सिलसिला 15 सितंबर तक जारी रह सकता है. 11 और 12 सितंबर को राज्य के कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है. इसके बाद 13 और 14 सितंबर को भी अलग-अलग हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है. 15 सितंबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण राज्य में मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं. आने वाले दिनों में आसमान में बादल छाए रहने और तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होने की संभावना है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है. लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है. किसानों के लिए भी मौसम में बदलाव महत्वपूर्ण है, इसलिए उन्हें स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार कृषि गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह है.
रांची में भी बारिश और गरज-चमक का अनुमान
राजधानी रांची में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है. मौसम विभाग के अनुसार 10 सितंबर को रांची में आसमान में बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है. इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात भी हो सकता है. रांची का अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. आने वाले दिनों में भी राजधानी में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है. खासकर वज्रपात के समय पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए. बुधवार को रांची जिले के कांके में 21 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि रांची शहर में करीब एक मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई. मौसम प्रणाली सक्रिय रहने से बारिश की गतिविधियां आगे भी बढ़ सकती हैं.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.





Leave a comment