झारखंड में 29-30 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट, 31 से मिलेगी राहत; 4 नवंबर तक छाए रह सकते हैं बादल
झारखंड में चक्रवाती सिस्टम कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है, लेकिन बारिश का खतरा अभी टला नहीं है. मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को पश्चिमी और छत्तीसगढ़ से सटे जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है.

Ranchi: झारखंड में चक्रवाती सिस्टम का प्रभाव अब भी देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोन कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है और फिलहाल दक्षिण छत्तीसगढ़ के आसपास स्थित है. इसके उत्तर दिशा में आगे बढ़ने के कारण झारखंड के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. पश्चिमी और छत्तीसगढ़ से सटे जिलों में 29 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है. वहीं, 30 अक्टूबर को कुछ जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक को लेकर अलर्ट जारी किया गया है.
कमजोर हुआ साइक्लोन, लेकिन बारिश का दायरा बढ़ने की आशंका
मौसम विभाग के मुताबिक, सिस्टम की तीव्रता वेरी सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म से घटते हुए सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म, साइक्लोनिक स्टॉर्म, डीप डिप्रेशन और अब डिप्रेशन तक पहुंच गई है. हालांकि, सिस्टम कमजोर होने के बावजूद इसके बादलों का प्रभाव झारखंड में बना रह सकता है.
29 अक्टूबर को पश्चिमी जिलों में भारी बारिश का अनुमान
29 अक्टूबर को झारखंड के पश्चिमी जिलों, खासकर छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. कुछ जिलों में 12 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश होने का अनुमान जताया गया है. आसपास के मध्यवर्ती जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चलने की आशंका है.
30 अक्टूबर को इन पांच जिलों में अलर्ट
30 अक्टूबर के लिए मौसम विभाग ने पांच जिलों में विशेष चेतावनी दी है.
- गढ़वा और पलामू: भारी बारिश का येलो अलर्ट.
- गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़: भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका.
इन जिलों में गरज-चमक के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, हालांकि उनके लिए विशेष चेतावनी नहीं बताई गई है.
31 अक्टूबर से मौसम में सुधार के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार, 30 अक्टूबर की दोपहर से झारखंड के कई हिस्सों में बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है. 31 अक्टूबर से अधिकांश जिलों में मौसम की गतिविधियां कम हो सकती हैं. हालांकि, कुछ इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी.
4 नवंबर तक पूरी तरह साफ नहीं होगा आसमान
दक्षिण अंडमान सागर के आसपास एक और निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके अगले 24 से 48 घंटों में मजबूत होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने का अनुमान है. इससे बादलों की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 3 नवंबर तक कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. आसमान पूरी तरह साफ होने में 4 नवंबर तक का समय लग सकता है.

