हरियाणा में इमारत से गिरकर मगडीहा के हमीद मियां की मौत, गांव पहुंचा पार्थिव शरीर
हरियाणा के पलवल में राजमिस्त्री का काम करने वाले देवघर के मगडीहा निवासी हमीद मियां की इमारत से गिरने के कारण मौत हो गई. बुधवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया.

देवघर:- रोजी-रोटी की तलाश में घर से दूर गए एक मजदूर की मौत ने देवघर के मगडीहा गांव में मातम पसरा दिया है. हरियाणा के पलवल में राजमिस्त्री का काम करने वाले हमीद मियां की इमारत से गिरने के कारण मौत हो गई. बुधवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो परिवार के लोगों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया. अपने प्रियजन को खोने का गम परिजनों के चेहरे पर साफ नजर आया. हमीद मियां अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दूसरे राज्य में मेहनत-मजदूरी करते थे. उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मृतक अपने पीछे पांच बेटे और चार बेटियों समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य की मौत से परिजनों के सामने अब आर्थिक संकट और भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है. घटना की जानकारी मिलने के बाद झारखंड सरकार के पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख मगडीहा पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी.
पलवल में काम के दौरान हुआ हादसा
हमीद मियां सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के मगडीहा गांव के रहने वाले थे. परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए वह हरियाणा के पलवल में राजमिस्त्री का काम कर रहे थे. इसी दौरान एक इमारत से गिरने के कारण उनकी जान चली गई. हादसे की खबर मिलते ही परिवार में शोक छा गया. इसके बाद परिजन उनका पार्थिव शरीर लेकर पैतृक गांव पहुंचे, जहां अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीण और परिचित जुटने लगे.
पार्थिव शरीर पहुंचते ही गांव में पसरा मातम
बुधवार को हमीद मियां का शव मगडीहा पहुंचने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. परिवार के सदस्य अपने प्रियजन को खोने का दर्द बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे. गांव के लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया और शोकाकुल परिवार को ढांढ़स बंधाया. एक मेहनतकश व्यक्ति की असामयिक मौत से पूरे गांव में गम का माहौल बना हुआ है.
नौ बच्चों को छोड़ गए हमीद मियां
हमीद मियां अपने पीछे पांच पुत्र और चार पुत्रियों को छोड़ गए हैं. परिवार की आजीविका चलाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उन्हीं पर थी. ऐसे में उनकी अचानक हुई मौत से परिवार भावनात्मक रूप से टूट गया है. वहीं, घर के कमाऊ सदस्य के नहीं रहने से बच्चों की परवरिश और परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती भी सामने आ गई है. इस मुश्किल घड़ी में परिजनों को आर्थिक मदद की उम्मीद है.
बादल पत्रलेख ने परिजनों से मिलकर जताया दुख
घटना की जानकारी मिलने के बाद झारखंड सरकार के पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख मगडीहा गांव पहुंचे. उन्होंने हमीद मियां के परिजनों से मुलाकात की और इस दुखद घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढ़स बंधाते हुए कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की अपील की. बादल पत्रलेख ने हमीद मियां के निधन को दुखद बताते हुए परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति जताई.
सरकारी सहायता दिलाने के लिए प्रयास का आश्वासन
पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने परिजनों को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि हमीद मियां नेकदिल इंसान थे और उनका असमय चले जाना बेहद दुखद है. इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित भी परिवार से मिलने पहुंचे. लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की. हमीद मियां की मौत से मगडीहा गांव में शोक की लहर है.

