भाजपा के पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल को मिली जान से मारने की धमकी, पटना में FIR दर्ज
“भाजपा के पूर्व विधायक और प्रदेश उपाध्यक्ष हरिभूषण ठाकुर बचौल को फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है. घटना के बाद पटना के पाटलिपुत्र थाने में FIR दर्ज की गई है और पुलिस कॉल करने वाले की पहचान व पूरे मामले की जांच कर रही है.”

पटना:-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक और पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिभूषण ठाकुर बचौल को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है. इस घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है. मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार रात उन्हें दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कॉल किए गए, जिनमें पहले अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और फिर जान से मारने की धमकी दी गई. घटना के बाद हरिभूषण ठाकुर बचौल ने पटना के पाटलिपुत्र थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में कॉलर आइडेंटिफिकेशन ऐप पर एक नंबर से "मो. इनामुल" नाम प्रदर्शित होने की बात सामने आई है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान और घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी.
देर रात दो नंबरों से आई धमकी भरी कॉल
पूर्व विधायक के अनुसार, शनिवार रात उन्हें लगातार दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल प्राप्त हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि कॉल करने वाले व्यक्ति ने पहले अपशब्द कहे और उसके बाद उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने तथा जान से मारने की धमकी दी. इस घटना के बाद उन्होंने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई.
पाटलिपुत्र थाने में दर्ज हुई शिकायत
धमकी मिलने के बाद हरिभूषण ठाकुर बचौल ने पटना के पाटलिपुत्र थाना में लिखित आवेदन दिया. पुलिस ने शिकायत प्राप्त करने के बाद संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और कॉल डिटेल सहित अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.
कॉलर की पहचान को लेकर जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कॉलर आइडेंटिफिकेशन ऐप पर एक नंबर "मो. इनामुल" के नाम से दिखाई दिया. हालांकि, पुलिस केवल ऐप पर दिखाई देने वाली जानकारी के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहती. जांच एजेंसियां मोबाइल नंबरों का सत्यापन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं ताकि कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान स्पष्ट हो सके.
पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर करेगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी देने जैसे मामलों में तकनीकी जांच महत्वपूर्ण होती है. इसलिए संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य डिजिटल जानकारी का विश्लेषण किया जा रहा है. यदि जांच में धमकी देने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और पुलिस सभी तथ्यों को एकत्र कर रही है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि केवल जांच के आधार पर ही की जाएगी. वहीं, पूर्व विधायक ने मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है. आने वाले दिनों में पुलिस जांच की प्रगति के साथ इस मामले से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं.


