बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात, 29 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित; कई नदियां उफान पर
बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है. 13 जिलों में 29 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं. कई गांवों का संपर्क टूट गया है और सड़कें पानी में डूबी हैं. गंगा समेत कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है. राज्य के 13 जिलों में 29 लाख 13 हजार से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में बताई जा रही है. कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से कट गया है, जबकि सड़कें और निचले इलाके पानी में डूबने से आवागमन प्रभावित हुआ है. कई जगहों पर बाढ़ का पानी लोगों के घरों और आंगन तक पहुंच चुका है. प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और बीमार लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है. इस बीच पटना में गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट से कुछ राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन कई अन्य नदियां अब भी उफान पर हैं.
13 जिलों के 77 प्रखंड और 438 पंचायतें बाढ़ की चपेट में
बाढ़ का असर बिहार के पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया और अरवल जिलों तक बताया जा रहा है. इन जिलों के 77 प्रखंडों की 438 ग्राम पंचायतों में बाढ़ की स्थिति ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है. कई इलाकों में पानी भरने से गांवों का संपर्क दूसरे क्षेत्रों से कट गया है. वहीं, सड़कें डूबने के कारण लोगों की आवाजाही भी बाधित हुई है. प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ जरूरत के मुताबिक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है. बाढ़ के बीच बीमार लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना भी प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है. हालांकि प्रयागराज से वाराणसी तक गंगा के जलस्तर में गिरावट के बाद बिहार के कुछ इलाकों में आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद जताई जा रही है.
पटना में गंगा का जलस्तर घटा, पुनपुन अब भी खतरे के निशान से ऊपर
पटना में गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर के रिकॉर्ड स्तर से घटकर 50.40 मीटर पर पहुंच गया है. प्रयागराज से वाराणसी के बीच गंगा के जलस्तर में आई गिरावट के बाद पटना में भी आगे पानी कम होने की उम्मीद जगी है. हालांकि जिले में पुनपुन नदी की स्थिति अब भी चिंता बढ़ा रही है. पुनपुन नदी खतरे के निशान से करीब 2.93 मीटर ऊपर बह रही है. वहीं कटिहार में गंगा और कोसी के संगम क्षेत्र में पानी के दबाव का असर करीब 35 पंचायतों पर बताया जा रहा है. यहां लगभग साढ़े तीन लाख लोग प्रभावित हैं. खगड़िया के चौथम प्रखंड और दियारा क्षेत्रों में बागमती नदी का पानी नई परेशानी पैदा कर रहा है. दूसरी ओर गोपालगंज में गंडक बैराज से सवा लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है.
भागलपुर में NH-80 पर ढाई फीट पानी, मुंगेर में घरों तक पहुंचा सैलाब
बाढ़ की स्थिति का असर भागलपुर और मुंगेर में भी व्यापक रूप से दिखाई दे रहा है. भागलपुर में नेशनल हाईवे-80 पर करीब ढाई फीट पानी बहने की वजह से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई है. जिले में सवा दो लाख से अधिक लोगों के बाढ़ से प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है. मुंगेर के बरियारपुर में भी गंगा का पानी कई इलाकों तक पहुंच गया है. यहां गंगा खतरे के निशान से करीब सवा मीटर ऊपर बहने के कारण सैकड़ों घरों में पानी प्रवेश कर गया है. वहीं सीवान के दरौली में सरयू नदी लाल निशान से करीब आधा मीटर ऊपर बह रही है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है. इन इलाकों में लोगों को सुरक्षित रखने और जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है. प्रशासन की ओर से जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
भोजपुर और सारण में भी बढ़ी परेशानी, युवक की मौत
बाढ़ का पानी भोजपुर जिले के आरा क्षेत्र तक पहुंच गया है. बड़हरा इलाके में गंगा का फैलाव बढ़ने के बाद स्थिति गंभीर बताई जा रही है. धमार गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से 32 वर्षीय एक युवक की मौत होने की जानकारी दी गई है. घटना के बाद इलाके में चिंता का माहौल है. दूसरी ओर सारण जिले में माही नदी का जमींदारी बांध टूटने के बाद बाढ़ का संकट और बढ़ गया है. तेज बहाव के साथ पानी रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है. वहीं शेखपुरा जिले में हरोहर नदी का पानी पांच पंचायतों में फैलने की जानकारी सामने आई है. बाढ़ के पानी से कई घरों के साथ स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी प्रभावित हुए हैं. इससे बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां बाधित हुई हैं. प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
स्कूल और पंचायत भवनों में शुरू हुई स्वास्थ्य सेवाएं
बाढ़ प्रभावित लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की है. कई जगहों पर स्कूलों और पंचायत भवनों में ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. इन स्थानों पर डॉक्टरों और नर्सों की तैनाती के साथ जरूरी दवाओं की व्यवस्था की गई है. स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि बाढ़ से घिरे लोगों को उनके आसपास ही प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं मिल सकें. प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. दूसरी ओर बिहार की गंगा, कोसी, गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता जलस्तर की निगरानी के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और राहत सामग्री उपलब्ध कराना है. आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर में बदलाव पर भी नजर रखी जा रही है.

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