जमीन के झगड़े में उजड़ गया पूरा परिवार, पति-पत्नी और बुजुर्ग पिता की हत्या; दो गिरफ्तार
चाईबासा के टोंटो थाना क्षेत्र में जमीन विवाद के चलते एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या से सनसनी फैल गई. पुलिस ने मामले में दो युवकों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर तीनों शव बरामद किए. घटनास्थल से खून लगी कुल्हाड़ी भी मिली है. पुलिस हत्या के पीछे जमीन विवाद के एंगल की जांच कर रही है.

Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा से सामने आई यह वारदात सिर्फ जमीन विवाद की एक और कहानी नहीं है. टोंटो थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. मृतकों में करीब 40 वर्षीय राजिन दोरायबुरू, उनकी 38 वर्षीय पत्नी जानो दोरायबुरू और राजिन के 72 वर्षीय पिता काण्डे दोरायबुरू शामिल हैं. परिवार के तीनों सदस्य अचानक लापता हुए तो हत्या की आशंका जताई गई. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की और कुछ ही समय में दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर तीनों शव बरामद किए गए. मौके से खून लगी कुल्हाड़ी भी मिली है. शुरुआती जांच में जमीन विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है, लेकिन पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि वारदात में और कोई शामिल था या नहीं.
तीन लोग लापता हुए, फिर खुला हत्या का राज
26 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि केन्जरा टोला तारोबबुरू के एक परिवार के तीन सदस्य लापता हैं. परिवार की तरफ से आशंका जताई गई कि जमीन विवाद के चलते उनकी हत्या कर शव कहीं छिपा दिए गए हैं. सूचना मिलते ही टोंटो थाने में मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई. मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने विशेष टीम बनाई. स्थानीय स्तर पर पूछताछ शुरू हुई. संदिग्ध गतिविधियों और पुराने विवादों की जानकारी जुटाई गई. जांच आगे बढ़ी तो पुलिस की नजर दो स्थानीय युवकों पर गई. इसके बाद बोंज दोरायबुरू, उम्र 19 वर्ष, और मुचिया दोरायबुरू, उम्र 20 वर्ष, को गिरफ्तार किया गया.
पूछताछ के बाद बरामद हुए तीन शव
पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों आरोपियों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की. इसके बाद पुलिस उन्हें लेकर उस जगह पहुंची, जहां शव छिपाए जाने की बात सामने आई थी. तीनों शव बरामद किए गए. मृतकों में एक बुजुर्ग पिता, उनका बेटा और बहू शामिल थे. यानी जमीन के विवाद ने एक ही परिवार की तीन जिंदगियां खत्म कर दीं. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल होने की आशंका वाली खून लगी कुल्हाड़ी भी बरामद की है. शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से हत्या के तरीके और घटनाक्रम से जुड़े अहम तथ्य सामने आने की उम्मीद है.
जमीन विवाद की कड़ी, लेकिन जांच अभी बाकी
प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है. हालांकि पुलिस अभी इस एंगल को अंतिम निष्कर्ष नहीं मान रही है. जांच का अगला फोकस यह पता लगाना है कि विवाद कब से चल रहा था, हत्या की योजना कैसे बनी और क्या दोनों गिरफ्तार आरोपियों के अलावा किसी और की भूमिका थी. पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की भी जांच कर रही है. फिलहाल दो गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और तीन शव बरामद किए जा चुके हैं. लेकिन इस केस का पूरा सच अभी बाकी है. क्योंकि पुलिस के सामने अब सिर्फ यह सवाल नहीं है कि तीन लोगों की हत्या क्यों हुई—बल्कि यह भी पता लगाना है कि जमीन के विवाद ने आखिर उस मोड़ तक कैसे पहुंचाया, जहां एक ही परिवार के तीन लोगों की जिंदगी खत्म हो गई.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts
MMDR संशोधन पर झारखंड में नई बहस, बाबूलाल मरांडी ने वित्त मंत्री को आंकड़ों के साथ घेरा
झारखंड में 28 से 31 अगस्त तक बारिश का दौर, कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट




Leave a comment