चुनाव खत्म, महंगाई शुरू? राहुल गांधी की बड़ी चेतावनी
“लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने चेतावनी दी है कि चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतें बढ़ सकती हैं। मिडिल ईस्ट तनाव, कमजोर रुपया और बढ़ती ईंधन कीमतों से देश में महंगाई बढ़ने का खतरा बताया गया है.”

New Delhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच देश में महंगाई को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. राहुल गांधी ने रुपये की कमजोरी और वैश्विक बाजार में ईंधन कीमतों में उछाल को इसके संकेत बताए. उनका कहना है कि इसका असर आम लोगों की जेब पर सीधा पड़ेगा. उन्होंने सरकार की आर्थिक नीति और रणनीति पर भी सवाल उठाए. राहुल गांधी ने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के जरिए दिया है.
राहुल गांधी ने X पर क्या लिखा?
“रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 100 की तरफ बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोत्तरी, ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं. सरकार चाहे इसे नॉर्मल बताए, लेकिन हकीकत ये है कि उत्पादन और ट्रांसपोर्ट महंगे होंगे, MSMEs को सबसे ज्यादा चोट लगेगी, रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ेंगे और FII का पैसा तेजी से बाहर जाएगा, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ेगा. यानी हर परिवार की जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा. और यह सिर्फ वक्त की बात है कि चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतें भी बढ़ा दी जाएंगी.”
मिडिल ईस्ट तनाव और तेल बाजार पर असर
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ चुके हैं. भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह स्थिति भविष्य में कीमतों पर दबाव बना सकती है.
सरकार पर निशाना और बढ़ती सियासत
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा हालात को लेकर ठोस रणनीति नहीं दिखाई दे रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ बयानबाजी कर रही है, जबकि असली चिंता आम लोगों के खर्च और महंगाई को लेकर होनी चाहिए. फिलहाल भारत में आम पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन प्रीमियम और औद्योगिक ईंधन महंगा हुआ है, जिससे आगे दाम बढ़ने की संभावना को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है.



