Deoghar News: वैष्णवी दुर्गा मंदिर में विधि-विधान से हुआ शस्त्र पूजन, धर्म और संस्कृति की रक्षा का लिया संकल्प
देवघर के बैजनाथपुर स्थित वैष्णवी दुर्गा मंदिर में रविवार को विश्व हिंदू परिषद की मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी के तत्वावधान में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया. पंडित जितेंद्र वैद्य ने वैदिक मंत्रोच्चार और दुर्गा चालीसा के पाठ के साथ अनुष्ठान संपन्न कराया.

Report:-Sunil Kumar jha
देवघर:- देवघर के बैजनाथपुर स्थित वैष्णवी दुर्गा मंदिर में रविवार को विश्व हिंदू परिषद की मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी के तत्वावधान में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया. धार्मिक अनुष्ठान वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ. कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ मातृशक्ति की सदस्यों ने भी भाग लिया. इस दौरान पूजा-अर्चना और दुर्गा चालीसा के पाठ के माध्यम से धार्मिक आस्था व्यक्त की गई. कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने शस्त्र पूजन की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे शक्ति, भक्ति, साहस और कर्तव्यबोध का प्रतीक बताया. आयोजन के दौरान भारतीय परंपराओं के संरक्षण और समाज में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का संदेश दिया गया. आयोजकों ने शस्त्र पूजन की परंपरा को धर्म और संस्कृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने से जोड़ते हुए लोगों से अपने सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया.
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ अनुष्ठान
बैजनाथपुर स्थित वैष्णवी दुर्गा मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में पंडित जितेंद्र वैद्य ने पूजा-अर्चना कराई. वैदिक मंत्रों के उच्चारण और दुर्गा चालीसा के पाठ के साथ शस्त्र पूजन की प्रक्रिया पूरी की गई. इस दौरान उपस्थित सदस्यों ने धार्मिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की.
कार्यक्रम में मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा. विहिप, बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने आयोजन में भाग लेकर धार्मिक गतिविधियों में सहभागिता निभाई.
शस्त्र पूजन को बताया शक्ति और भक्ति का प्रतीक
विश्व हिंदू परिषद के विभाग सह मंत्री विक्रम सिंह ने शस्त्र पूजन की महत्ता पर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में शस्त्र और शास्त्र का विशेष महत्व रहा है. शस्त्र पूजन को उन्होंने शक्ति और भक्ति के समन्वय का प्रतीक बताया.
उन्होंने कहा कि यह परंपरा केवल शस्त्रों की पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्याय और अधर्म के विरुद्ध खड़े होने के संकल्प से भी जुड़ी है. उनके अनुसार, इस तरह के आयोजन लोगों को अपने कर्तव्यों और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का संदेश देते हैं.
धर्म और संस्कृति के संरक्षण पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर चर्चा हुई. वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की सांस्कृतिक पहचान उसकी परंपराओं, मान्यताओं और नैतिक मूल्यों से जुड़ी होती है.
शस्त्र पूजन के माध्यम से साहस, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया. आयोजन में शामिल लोगों ने धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की.
विहिप, बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी के सदस्य हुए शामिल
इस कार्यक्रम में वैष्णवी दुर्गा मंदिर, बंधा बैजनाथपुर के अध्यक्ष महात्तम सिंह, व्यवसायी राजकिशोर चौधरी, विहिप के प्रांत सह मंत्री रामनरेश सिंह, भाजपा नेता मनोज सिंह और विहिप के विभाग सह मंत्री विक्रम सिंह मौजूद रहे.
इसके अलावा जिला मंत्री अशोक कुमार, बजरंग दल के जिला संयोजक अभिषेक मिश्र, जिला गौ रक्षा प्रमुख संजय देव, जिला कोषाध्यक्ष अजय कुमार सिन्हा, जिला मिलन केंद्र प्रमुख शिवनाथ राव, जिला बालोपासना प्रमुख शुभम कश्यप और जिला समरसता प्रमुख दामोदर बरनवाल ने भी कार्यक्रम में भाग लिया.
मातृशक्ति की सहभागिता ने आयोजन को बनाया खास
कार्यक्रम में रतन बरनवाल, कुंदन कुमार, राहुल यादव, दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिका रीता देवी, रेखा कुमारी, बबिता कुमारी, भाजपा नेत्री विजया सिंह, बिंदु पाठक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रूपेश सिन्हा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे. मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी की सदस्यों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी आयोजन में सहभागिता निभाई.




