PPK कॉलेज की NCC यूनिट फिर शुरू कराने की मांग, राज्यपाल संतोष गंगवार को सौंपा ज्ञापन
पीपीके कॉलेज की 41 वर्षों से संचालित एनसीसी यूनिट को दोबारा शुरू कराने की मांग उठी है. प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को ज्ञापन सौंपकर यूनिट बंद करने के फैसले की समीक्षा और पुनर्बहाली की मांग की. मांग पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है.

Report: SANJAY MUNDA
41 वर्षों से संचालित यूनिट बंद होने पर उठे सवाल, पुनर्बहाली नहीं होने पर प्रतिनिधिमंडल ने चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी
पीपीके कॉलेज की एनसीसी यूनिट को दोबारा शुरू कराने की मांग तेज हो गई है. इस मुद्दे को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधियों ने यूनिट बंद किए जाने के कारणों की समीक्षा कराने, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तय करने और प्रशिक्षण व्यवस्था बहाल करने की मांग की. उनका कहना है कि लंबे समय से संचालित इस यूनिट के बंद होने से विद्यार्थियों को एनसीसी प्रशिक्षण के अवसर से वंचित होना पड़ रहा है. प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, राज्यपाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग, विश्वविद्यालय और एनसीसी के अधिकारियों तक बात पहुंचाने का आश्वासन दिया है. अब विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजर इस मामले में होने वाली कार्रवाई पर है. प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांग पर उचित पहल नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे.
राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर की पुनर्बहाली की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को ज्ञापन देकर पीपीके कॉलेज की एनसीसी यूनिट दोबारा शुरू कराने का आग्रह किया. ज्ञापन में यूनिट बंद करने के फैसले की समीक्षा और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई गई. प्रतिनिधियों के मुताबिक, राज्यपाल ने संबंधित विभाग और विश्वविद्यालय को पत्र लिखने के साथ बटालियन तथा झारखंड के कमांड स्तर पर आवश्यक निर्देश देने का आश्वासन दिया है.
41 साल पुरानी यूनिट बंद होने पर उठे सवाल
प्रतिनिधियों का कहना है कि पीपीके कॉलेज की एनसीसी यूनिट 41 वर्षों से संचालित थी. इसे बंद करने के फैसले से विद्यार्थियों के प्रशिक्षण अवसर प्रभावित हुए हैं. उन्होंने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निर्णय के पीछे के कारण सार्वजनिक करने की मांग की. हालांकि, यूनिट बंद किए जाने के आधिकारिक कारणों की पुष्टि अभी नहीं हुई है. विश्वविद्यालय और संबंधित एनसीसी अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
विद्यार्थियों के प्रशिक्षण पर पड़ रहा असर
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि एनसीसी विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में मदद करती है. ऐसे में यूनिट का संचालन दोबारा शुरू होना जरूरी है, ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण का अवसर मिल सके. प्रतिनिधियों के अनुसार, यदि यूनिट संचालन में कोई प्रशासनिक या तकनीकी समस्या है, तो उसका समाधान निकाला जाना चाहिए.
मांग पूरी नहीं हुई तो होगा चरणबद्ध आंदोलन
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि एनसीसी यूनिट की पुनर्बहाली को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा. इसमें विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े लोगों को शामिल करने की बात कही गई है. प्रतिनिधियों का कहना है कि यह मामला केवल एक संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के प्रशिक्षण और शैक्षणिक अवसरों से भी जुड़ा है.
विश्वविद्यालय और एनसीसी अधिकारियों के फैसले का इंतजार
फिलहाल पीपीके कॉलेज की एनसीसी यूनिट को दोबारा शुरू करने की मांग पर अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है. अब विश्वविद्यालय, संबंधित विभाग और एनसीसी अधिकारियों की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी. प्रतिनिधिमंडल को उम्मीद है कि राज्यपाल के स्तर से पहल होने के बाद मामले की समीक्षा की जाएगी. हालांकि, यूनिट की पुनर्बहाली की समयसीमा स्पष्ट नहीं है. विद्यार्थियों और अभिभावकों को अब इस दिशा में ठोस कार्रवाई का इंतजार है.


