ताजमहल टिकट के नाम पर साइबर ठगी: फर्जी वेबसाइट से विदेशी पर्यटकों को लगाया चूना
दुनिया के सात अजूबों में शामिल Taj Mahal से जुड़ा एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है. Agra में विदेशी पर्यटकों को निशाना बनाते हुए एक फर्जी वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन टिकट बेचे जा रहे थे.

Agra: दुनिया के सात अजूबों में शामिल Taj Mahal से जुड़ा एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है. Agra में विदेशी पर्यटकों को निशाना बनाते हुए एक फर्जी वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन टिकट बेचे जा रहे थे. पर्यटकों ने इंटरनेट पर टिकट बुक करने के दौरान एक नकली वेबसाइट का इस्तेमाल किया, जहां उनसे असली कीमत से कहीं ज्यादा पैसे वसूले गए. एक पर्यटक से करीब 35 डॉलर यानी लगभग 3200 रुपये वसूले गए, जबकि असली टिकट की कीमत करीब 1300 रुपये है. इतना ही नहीं, उन्हें जो टिकट दिया गया वह भी फर्जी निकला. यह मामला तब सामने आया जब पर्यटक ताजमहल पहुंचे और टिकट जांच के दौरान गड़बड़ी पकड़ी गई. इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच शुरू की गई.
फर्जी वेबसाइट से हो रही थी ठगी
जांच में सामने आया कि पर्यटकों ने https://ticketstajmahal.com नाम की एक फर्जी वेबसाइट से टिकट बुक किए थे. यह वेबसाइट असली जैसी दिखती थी, जिससे पर्यटक आसानी से झांसे में आ गए. तीन विदेशी पर्यटकों ने कुल 105 डॉलर का भुगतान किया था. जब वे ताजमहल के पश्चिमी गेट पर पहुंचे, तो उनके टिकट की जांच के दौरान धोखाधड़ी का खुलासा हुआ. वहां तैनात कर्मचारी ने टिकट में गड़बड़ी पकड़ी और तुरंत अधिकारियों को सूचना दी. इसके बाद पूरे मामले की गंभीरता सामने आई.
ASI ने शुरू की कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलते ही Archaeological Survey of India (ASI) ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ताजमहल और अन्य संरक्षित स्मारकों के टिकट केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म से ही खरीदे जाने चाहिए. इनमें asipayumoney.com और asi.payugov.in जैसे सरकारी पोर्टल शामिल हैं. ASI के अधिकारियों ने संबंधित पुलिस विभाग को भी सूचना दी और फर्जी वेबसाइट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. प्रशासन का कहना है कि इस तरह की धोखाधड़ी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब ताजमहल के नाम पर ऑनलाइन ठगी की गई हो. इससे पहले साल 2023 में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जिसमें दिल्ली के साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी. उस समय भी कई फर्जी वेबसाइटों के जरिए पर्यटकों को ठगा गया था. हालांकि प्रशासन ने उस वक्त कार्रवाई की थी, लेकिन इसके बावजूद साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. यह दिखाता है कि ऑनलाइन ठगी का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है.
पर्यटकों के लिए जारी हुआ अलर्ट
इस घटना के बाद ASI ने पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. लोगों से अपील की गई है कि वे टिकट बुकिंग के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या भरोसेमंद माध्यमों का ही इस्तेमाल करें. किसी भी अनजान लिंक या वेबसाइट पर भुगतान करने से बचें. साथ ही, टिकट बुक करने से पहले वेबसाइट की सत्यता जरूर जांच लें. प्रशासन ने कहा है कि जागरूकता ही इस तरह की साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा तरीका है. पर्यटकों को सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि वे ऐसे जाल में न फंसें.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts
असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान खत्म, अब 4 मई को आएंगे नतीजे






Leave a comment