CJP संसद मार्च पर दिल्ली में तनाव, प्रदर्शनकारियों को रोका गया; नड्डा से बातचीत की तैयारी, वांगचुक बोले- मुझे मार्च में जाने दें
CJP के ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर दिल्ली में तनाव बढ़ गया है. प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प, सरकार से बातचीत की कोशिश और सोनम वांगचुक के मार्च में शामिल होने की मांग के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है.


New Delhi: दिल्ली में CJP के ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर सोमवार को सियासी माहौल गरमा गया. जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी. सुरक्षा कारणों से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और कई जगह बैरिकेड लगाए गए. इसी बीच सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की कोशिश शुरू होने की बात सामने आई है. CJP नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल की भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की संभावना जताई गई है. दूसरी ओर अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने मार्च में शामिल होने की इच्छा जताते हुए डिस्चार्ज की मांग दोहराई है.
जंतर-मंतर से संसद मार्च की कोशिश, पुलिस ने संभाला मोर्चा
CJP समर्थक सोमवार को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में जमा हुए और संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की. प्रशासन ने पहले से सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए थे. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी. कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी. पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने की बात कही, जबकि प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ने की कोशिश जारी रखी.
नड्डा से मिलेंगे CJP प्रतिनिधि
प्रदर्शन के बीच सरकार की ओर से बातचीत का संकेत मिला है. CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है. पार्टी प्रतिनिधियों के जेपी नड्डा से मिलने की बात भी सामने आई है. अब सबकी नजर इस बैठक पर है कि क्या आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर कोई समाधान निकलता है या प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा.
अस्पताल से सोनम वांगचुक का संदेश, मार्च में शामिल होने की इच्छा
सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर मार्च में शामिल होने की अनुमति मांगी है. उन्होंने अपनी तबीयत ठीक होने की बात कही और आंदोलनकारियों के साथ रहने की इच्छा जताई. फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. वांगचुक की भूमिका इस पूरे आंदोलन में एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है.
प्रदर्शन को मिला राजनीतिक समर्थन, बढ़ा सियासी दबाव
CJP के प्रदर्शन में कुछ विपक्षी नेताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने आंदोलन को और चर्चा में ला दिया है. शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा विवाद और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकारी सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. वहीं सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता कानून व्यवस्था बनाए रखना है.
आगे की रणनीति पर नजर
अब आंदोलन की दिशा CJP और सरकार के बीच होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगी. अगर बातचीत सफल होती है तो तनाव कम हो सकता है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम रहने का संकेत दे चुके हैं. दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी रखी गई है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है.

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